घर के अंदर का दृश्य बिल्कुल अलग है। वह अब नौकरानी के कपड़ों में है, लेकिन उसकी आँखों में वही दर्द है। जब वह कपड़े समेटती है तो लगता है जैसे वह अपने अतीत को छिपाने की कोशिश कर रही हो। लड़के का व्यवहार बेरुख है, लेकिन उसकी नजरों में कुछ छिपा है। अब देर हो गई, क्योंकि वह घर अब उसका नहीं रहा।
स्कूल के बाहर का दृश्य बहुत ही ड्रामेटिक है। वह कार से उतरती है और वह लड़का जो पहले जर्सी में था, अब सूट में है। दोनों की नजरें मिलती हैं और लगता है जैसे समय थम गया हो। उसकी चाल में आत्मविश्वास है, लेकिन आँखों में वही पुरानी उदासी। अब देर हो गई, क्योंकि यह मुलाकात सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि नियति है।
पहले दृश्य में लगता है जैसे कोई रोमांटिक मिलन होने वाला है, लेकिन धीरे-धीरे पता चलता है कि यह मिलन दर्दनाक है। उसकी मुस्कान झूठी है, और उसकी आँखें रो रही हैं। वह शख्स जो गहना दे रहा है, वह असल में उसे याद दिला रहा है कि सब कुछ खत्म हो चुका है। अब देर हो गई, क्योंकि प्यार अब सिर्फ एक याद बनकर रह गया है।
कपड़ों का बदलना सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि हालात का संकेत है। जब वह नौकरानी के कपड़ों में है, तो लगता है जैसे उसने अपनी पहचान छिपा ली हो। लेकिन जब वह फिर से उसी ड्रेस में कार से उतरती है, तो लगता है जैसे वह अपने अतीत का सामना करने आई हो। अब देर हो गई, क्योंकि अब वह छिप नहीं सकती।
इस वीडियो में सबसे ताकतवर चीज है खामोशी। कोई चिल्लाता नहीं, कोई रोता नहीं, लेकिन हर चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा है। जब वह मोती की माला पकड़ती है, तो लगता है जैसे वह अपने आंसुओं को रोक रही हो। अब देर हो गई, क्योंकि शब्द अब बेकार हैं, सिर्फ आँखें बोल रही हैं।