सफेद टॉप और पीली स्कर्ट पहनी वह लड़की बहुत गुस्से में लग रही थी। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। वह लड़के से कुछ कह रही थी और उसका इशारा बहुत तेज था। लगता है कि उनके बीच कोई पुरानी दुश्मनी है। जब वह स्टेज पर जाती है तो सबकी नजरें उस पर टिक जाती हैं। अब देर हो गई कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था।
ऑडिटोरियम में प्रेजेंटेशन चल रहा था और सब कुछ शांत था, लेकिन फिर वह लड़की अंदर आती है और सब बदल जाता है। उसने कागज फेंके और हंगामा मचा दिया। लड़का सोफे पर बैठा सब देख रहा था। उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। अब देर हो गई वाले पल में सबकी सांसें रुक गई थीं। यह सीन बहुत ही तनावपूर्ण था।
लड़का बार-बार इधर-उधर देख रहा था जैसे वह किसी का इंतजार कर रहा हो। जब वह लड़की आई तो उसका चेहरा बदल गया। उनकी बातचीत में बहुत तनाव था। लड़की का गुस्सा और लड़के की बेचैनी साफ दिख रही थी। अब देर हो गई कहानी में यह टकराव बहुत महत्वपूर्ण था। उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ पता चल रहा था कि कुछ बड़ा होने वाला है।
प्रेजेंटेशन के बीच में वह लड़की अंदर आई और सब कुछ बदल गया। उसने कागज फेंके और चिल्लाने लगी। सब लोग हैरान हो गए। लड़का सोफे पर बैठा सब देख रहा था। उसकी आंखों में डर और चिंता साफ दिख रही थी। अब देर हो गई वाले पल में सबकी सांसें रुक गई थीं। यह सीन बहुत ही तनावपूर्ण और ड्रामेटिक था।
लड़की स्टेज पर खड़ी होकर स्पीच दे रही थी और सब लोग तालियां बजा रहे थे। लेकिन लड़का सोफे पर बैठा कुछ और ही सोच रहा था। उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। जब वह लड़की अंदर आई तो सब कुछ बदल गया। अब देर हो गई कहानी में यह टकराव बहुत महत्वपूर्ण था। उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ पता चल रहा था कि कुछ बड़ा होने वाला है।