नैन्सी लॉरेंस की आँखों में वो दर्द देखकर लगता है कि वो सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि एक इंसान भी है। जब उसने उस महिला से बात की, तो उसकी आवाज़ में एक अजीब सी नर्मी थी। अब देर हो गई, शायद वो भी जानती है कि अब कुछ नहीं हो सकता।
उस महिला की गुच्ची बेल्ट और प्रोफेशनल लुक के बीच का कॉन्ट्रास्ट बताता है कि वो कोई आम मरीज नहीं है। शायद वो कोई अहम व्यक्ति है। अब देर हो गई, शायद उसकी पावर भी अब काम नहीं आएगी। ये डिटेल कहानी को और भी इंट्रिगिंग बनाता है।
जब उस महिला ने फाइल वापस नैन्सी को सौंपी, तो लगा जैसे कोई अध्याय खत्म हो गया हो। नर्सों की चुगली और नैन्सी की गंभीरता बता रही थी कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। अब देर हो गई, शायद ये कहानी का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
जब उस महिला ने एमआरआई स्कैन देखा, तो उसकी आँखों में छिपा डर साफ झलक रहा था। नैन्सी की आवाज़ में भी एक अजीब सी नर्मी थी, जैसे वो कोई बुरी खबर दे रही हो। अब देर हो गई, शायद इलाज का वक्त निकल चुका है। ये दृश्य दिल को छू गया।
पीछे खड़ी नर्सों की बातचीत और उनके चेहरे के भाव बता रहे थे कि अस्पताल में कुछ गड़बड़ है। उनकी आँखों में उत्सुकता और चिंता दोनों थीं। अब देर हो गई, शायद वो भी जानती हैं कि क्या होने वाला है। ये छोटे-छोटे डिटेल कहानी को और भी रोचक बनाते हैं।