यह कहानी सिर्फ खेल के बारे में नहीं, बल्कि त्याग के बारे में है। जब वह लड़का आइस पर खेल रहा होता है, तो उसकी आंखों में जीत की चमक साफ दिखती है। वहीं दूसरी तरफ, वह लड़की अपनी दुनिया में खोई हुई है। अब देर हो गई का एहसास तब होता है जब दोनों अलग-अलग रास्तों पर होते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना बहुत सुकून देता है।
समय कैसे सब कुछ बदल देता है, यह वीडियो उसी का सबूत है। बेडरूम का शांत माहौल और फिर एरीना का शोर, यह कंट्रास्ट कमाल का है। जब वह लड़की अखबारों और कैमरों के बीच से गुजरती है, तो लगता है कि उसने अपनी कीमत चुका दी है। अब देर हो गई, यह लाइन हर दृश्य में गूंजती है। पात्रों की केमिस्ट्री बहुत नेचुरल लगती है।
वह स्की गॉगल्स सिर्फ एक प्रॉप नहीं, बल्कि उनकी यादों का प्रतीक है। जब वह लड़का उसे ठीक करता है और वापस रख देता है, तो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाता है। हॉकी मैच के दौरान उसका एग्रेशन और फिर अस्पताल का दृश्य, सब कुछ बहुत तेजी से बदलता है। अब देर हो गई का अहसास दर्शकों को भी होता है। विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मजबूत है।
अमीरी और शोहरत मिलने के बाद भी चेहरे पर वो चमक नहीं है। जब वह लड़की प्लेन से उतरती है और सुरक्षा घेरे में होती है, तो अकेलापन साफ दिखता है। वहीं वह लड़का चोटिल होकर भी मैदान में है। अब देर हो गई, शायद यही उनकी कहानी का निचोड़ है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है जो दिल को छू जाएं।
हॉकी मैच के दृश्य बहुत एनर्जेटिक हैं। भीड़ का शोर और खिलाड़ियों का पसीना, सब कुछ रियल लगता है। जब वह लड़का गोल करता है और टीम साथ आती है, तो खुशी महसूस होती है। लेकिन अस्पताल का दृश्य बताता है कि इस जीत की क्या कीमत है। अब देर हो गई, यह सच हर किसी को झकझोर देता है। कहानी में गहराई है।