वो बूढ़ा आदमी इतना गुस्से में क्यों था? शायद उसे लगता था कि लड़का जानबूझकर चोट खा रहा है। लेकिन असलियत तो ये है कि वो लड़की के लिए सब कुछ सह रहा था। जब वो लड़की उसके पास आई, तो कोच का गुस्सा हवा हो गया। अब देर हो गई थी, क्योंकि लड़के ने अपनी जगह ले ली थी। ये सीन देखकर लगता है कि स्कूल की दीवारें भी रो पड़ेंगी।
उस लड़की ने तो हद कर दी! पहले रो रही थी, फिर हंस रही थी, और अंत में भाग गई। शायद उसे एहसास हो गया कि वो दूसरी लड़की के सामने हार गई है। अब देर हो गई थी, क्योंकि लड़के की नजरें सिर्फ उसी एक पर थीं। ये सीन देखकर लगता है कि प्यार में इंसान कितना पागल हो सकता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही इमोशनल मोड़ देखने को मिलते हैं।
अंत में वो लड़का फोन उठाता है और अननोन कॉलर दिखाई देता है। ये कौन हो सकता है? शायद वो लड़की जो भाग गई थी, या फिर कोई नया मुसीबत। अब देर हो गई थी, क्योंकि उसकी जिंदगी में अब हर पल नया मोड़ ले रहा था। ये सीन देखकर लगता है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही सस्पेंस देखने को मिलते हैं।
लॉकर रूम में वो चुप्पी इतनी गहरी थी कि सांस लेने की आवाज भी सुनाई दे रही थी। जब वो लड़की आई, तो सब कुछ बदल गया। उसने उसके घाव को छूकर जैसे उसकी तकलीफ को बांट लिया। अब देर हो गई थी, क्योंकि उसकी आंखों में सिर्फ वही दिख रहा था। ये सीन देखकर लगता है कि प्यार में इंसान कितना कमजोर हो सकता है।
वो कोच इतना डरा हुआ क्यों था? शायद उसे पता था कि लड़का अब बदल चुका है। जब वो लड़की आई, तो कोच का गुस्सा हवा हो गया। अब देर हो गई थी, क्योंकि लड़के ने अपनी जगह ले ली थी। ये सीन देखकर लगता है कि स्कूल की दीवारें भी रो पड़ेंगी। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही इमोशनल मोड़ देखने को मिलते हैं।