पहिएदार कुर्सी पर बैठे नायक की चालाकी देखकर मैं दंग रह गया। सोने की ईंटें देखकर लालची दुश्मन का चेहरा पूरी तरह बदल गया था। दीवार के पार दुश्मन में ऐसा मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था। बम फटने का दृश्य बहुत धमाकेदार लगा। खलनायक का बचना भी हैरान करने वाला था। कार्रवाई और रहस्य का बेहतरीन मिश्रण है यह। इस स्थान पर देखने का मजा ही अलग है। काश ऐसे ही और दृश्य हों।
बुजुर्ग दंपत्ति को बंधक बनाकर धमकाना मुझे बिल्कुल सही नहीं लगा। परंतु नायक ने अपनी सूझबूझ से सबको चौंका दिया। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में काफी गहराई है। विस्फोट के बाद खलनायक का काला चेहरा देखकर हंसी आई। यह बदले की आग को दर्शाता है। हर मोड़ पर नया रहस्य बना रहता है। इस स्थान पर यह श्रृंखला जरूर देखें।
सोने की चमक ने सबकी आंखें चौंधिया दीं। परंतु असली खेल तो बम वाले काले बस्ते में छिपा था। दीवार के पार दुश्मन में डर और लालच का खेल दिखाया गया है। पहिएदार कुर्सी वाले योद्धा की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। विस्फोट के बाद धुएं का असर बहुत असली लगा। कहानी में दम है। इस स्थान पर गुणवत्ता अच्छी मिली।
लंबे बालों वाले खलनायक का अभिनय मुझे जबरदस्त लगा। उसने लालच में आकर अपनी जान जोखिम में डाली। दीवार के पार दुश्मन का अंत बहुत तेज रफ्तार का था। बूढ़े दंपत्ति का भागना दिल को छू गया। ऐसे रोमांचक किस्से कम ही देखने को मिलते हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद आया। इस स्थान पर दृश्य स्पष्ट था।
पिछले दृश्य में साथी की चिंता साफ झलक रही थी। शायद वह नायक की मदद कर रही थी। दीवार के पार दुश्मन में हर किरदार का अपना महत्व है। सोने की ईंटें गिनने का दृश्य बहुत लोभनीय था। परंतु अंत में सब राख हो गया। यह लालच का अंजाम है। बहुत ही शिक्षाप्रद कहानी लगी। इस स्थान का दिखावट अच्छा है।
गोदाम का माहौल बहुत डरावना और रहस्य से भरा था। धूल और अंधेरे ने दृश्य को गहरा बना दिया। दीवार के पार दुश्मन की छायांकन प्रशंसनीय है। नायक ने बिना हिले दुश्मन को हरा दिया। यह बुद्धि का खेल था। मुझे यह कथा बहुत भाया। ऐसे ही और चित्र चाहिए। इस स्थान पर समय बर्बाद नहीं हुआ।
चाकू से धमकाने वाला दृश्य देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। बुजुर्गों के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है। दीवार के पार दुश्मन में भावनात्मक पक्ष भी मजबूत है। नायक की आंखों में बदला साफ दिख रहा था। विस्फोट के बाद खलनायक की चीख सुनकर मजा आया। न्याय की जीत हुई है। इस स्थान पर यह नाटक सफल है।
बस्ता खुलते ही लाल बत्ती जलना बहुत स्मार्ट मोड़ था। खलनायक को अपनी गलती का अहसास तब हुआ। दीवार के पार दुश्मन में तकनीक का प्रयोग अच्छे से हुआ है। धमाके के बाद काले चेहरे वाला दृश्य यादगार है। कहानी में बोरियत नहीं है। हर पल कुछ नया होता है। इस स्थान पर गति तेज है।
पहिएदार कुर्सी से उठकर भागने का दृश्य नहीं था, पर दिमाग से जीत मिली। नायक की शांति देखकर हैरानी हुई। दीवार के पार दुश्मन में धैर्य की परीक्षा ली गई है। खलनायक का अंत बुरा हुआ पर वह बच गया। शायद अगली कड़ी में वापसी हो। मुझे यह अधूरा अंत पसंद आया। इस स्थान पर श्रृंखला श्रेष्ठ है।
कुल मिलाकर यह कार्रवाई से भरा नाटक बहुत अच्छा लगा। सोना, बम और बदला सब कुछ है। दीवार के पार दुश्मन को मैं सबको सुझाव दूंगा। इस स्थान पर सामग्री की कमी नहीं है। दृश्य गुणवत्ता भी उच्च स्पष्टता थी। जल्दी अगली कड़ी आए। मुझे इंतजार रहेगा।