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दीवार के पार दुश्मनवां39एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

खतरनाक खेल की शुरुआत

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। व्हीलचेयर वाले व्यक्ति की आंखों में बदले की आग साफ दिख रही है। जब वर्दी वाले अधिकारी ने बिस्कुट खाया, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। दीवार के पार दुश्मन में कहानी का पलटवार उम्मीद से ज्यादा शानदार है। माँ और बच्ची का डर असली लगता है। हर पल में जो खतरा है वह महसूस होता है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह देखना बहुत रोमांचक रहा।

बंदूक और जहर का खेल

बंदूक की नोक पर यह खेल बहुत खतरनाक हो गया है। अधिकारी को नहीं पता कि उसने जहर खा लिया है। व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति ने चुपचाप अपनी चाल चल दी। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में यह मोड़ बहुत गहरा है। परिवार की सुरक्षा के लिए कोई भी हद तक जा सकता है। यह बदला बहुत ही खूबसूरत तरीके से लिया गया है। सबकी सांसें थमी हुई हैं।

माँ का डर और ममता

बच्ची की माँ की आंखों में जो डर है, वह दिल को छू लेता है। वह अपने बच्चे को बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। वहीं सामने खड़ा व्यक्ति शांत लेकिन खतरनाक लग रहा है। दीवार के पार दुश्मन में हर किरदार की एक्टिंग लाजवाब है। यह दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण है। दर्शक भी इसमें खो जाते हैं। यह कहानी बहुत प्रभावशाली है।

बिस्कुट में छुपा राज

जब उसने दवाई की गोलियों को बिस्कुट में छुपाया, तभी समझ आ गया कि योजना कुछ और ही है। अधिकारी की बेरुखी अब उसे महंगी पड़ने वाली है। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह बदले की कहानी बहुत ही दिलचस्प तरीके से आगे बढ़ रही है। अंत क्या होगा यह देखना बाकी है। हर कोई इसका इंतजार कर रहा है।

घमंड का अंत निकट

वर्दी वाले व्यक्ति का घमंड टूटने वाला है। उसने सोचा नहीं होगा कि खाने का सामान ही मौत बन जाएगा। व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। दीवार के पार दुश्मन का यह भाग सबसे बेहतरीन है। रहस्य बना हुआ है। कौन जीतेगा यह सबकी नजरें टिकी हैं। यह दृश्य बहुत ही शक्तिशाली है।

तस्वीर और बदले की आग

परिवार की तस्वीर के सामने बैठकर उसने यह फैसला लिया। यह सिर्फ बदला नहीं, बल्कि न्याय की मांग है। अधिकारी की हंसी अब जल्द ही आंसुओं में बदल जाएगी। दीवार के पार दुश्मन में भावनाओं का ऐसा खेल कम ही देखने को मिलता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। यह कहानी दिल को छू लेती है। हर पल मायने रखता है।

कमरे का भारी माहौल

कमरे का माहौल इतना भारी है कि लगता है दीवारें भी दब जाएंगी। बच्ची की मासूमियत और बड़ों का खेल सबके सामने है। दीवार के पार दुश्मन में दिखाया गया हर पल मायने रखता है। व्हीलचेयर वाले व्यक्ति की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों हैं। यह दृश्य बहुत ही यादगार बन गया है। इसमें गहराई बहुत ज्यादा है।

मौत मुंह के पास

अधिकारी ने बंदूक तानी लेकिन उसे खबर नहीं कि मौत उसके मुंह में है। यह बदले का सबसे खूबसूरत तरीका है। दीवार के पार दुश्मन की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति ने चुपचाप सब तैयार कर लिया था। अब अंत बहुत करीब है। जीत किसकी होगी यह देखना बाकी है। यह कहानी बहुत रोचक है।

किरदारों की पहेली

इस शो में हर किरदार अपने आप में एक पहेली है। वर्दी वाला व्यक्ति खुद को ताकतवर समझ रहा है लेकिन कमजोर वही है। दीवार के पार दुश्मन में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। बिस्कुट वाला सीन हमेशा याद रहेगा। बहुत ही दमदार एक्टिंग है। दर्शक इससे जुड़ाव महसूस करते हैं। यह कला का बेहतरीन नमूना है।

धैर्य का फल मीठा

अंत में जब उसने बिस्कुट खाया, तो व्हीलचेयर वाले व्यक्ति की आंखों में चमक आ गई। यह जीत उसकी होने वाली है। दीवार के पार दुश्मन की कहानी हमें सिखाती है कि धैर्य का फल मीठा होता है। यह दृश्य सिनेमा का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह कहानी लंबे समय तक याद रहेगी। नेटशॉर्ट ऐप पर यह अनुभव बहुत शानदार रहा।