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दीवार के पार दुश्मनवां14एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

व्हीलचेयर वाला योद्धा

व्हीलचेयर पर बैठे उस शख्स की आंखों में बेचैनी साफ दिख रही थी। लैपटॉप पर बच्ची की वीडियो देखकर वो पागल सा हो गया। दीवार के पार दुश्मन में ऐसा लग रहा है कि वो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। सुरंग में रेंगते हुए उसने अपनी मजबूरी को चुनौती दी। हर पल तनाव बढ़ता जाता है। क्या वो उस मासूम को बचा पाएगा? यह सवाल हर सीन में गूंजता है। देखने वालों की सांसें रुक सी गई हैं।

छिपी हुई मासूमियत

छोटी बच्ची का डर किसी के भी दिल को दहला सकता है। वो कोने में छिपी हुई कांप रही थी। चमड़े का जैकेट पहने वाले शख्स की एंट्री ने माहौल को और गंभीर कर दिया। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में यह बच्ची क्यों इतनी अहम है? शायद इसके पास कोई राज है। बुजुर्ग व्यक्ति ने नक्शा दिखाकर सबको चौंका दिया। अब सबकी नजरें उस सुरंग पर टिकी हैं।

अंधेरी सुरंग का राज

सुरंग के अंधेरे में चलने का दृश्य बहुत ही खौफनाक था। वहां की रोशनी और धूल ने माहौल को डरावना बना दिया। व्हीलचेयर वाला योद्धा कैसे सबको मात देगा यह देखना दिलचस्प होगा। दीवार के पार दुश्मन में एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण है। नक्शे पर चल रही बहस से लगता है कि कोई बड़ा हमला होने वाला है। हर किरदार अपने रोल में जान डाल रहा है।

विलेन की दबदबेदार एंट्री

हैट पहने बुजुर्ग शख्स की एंट्री बहुत दबदबे वाली थी। उसने नक्शा खोलकर सबको हैरान कर दिया। लगता है वो इस पूरी खेल का मास्टरमाइंड है। दीवार के पार दुश्मन में विलेन का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। चमड़े वाले जैकेट वाला शख्स भी उसकी बात मान रहा है। बच्ची की जान खतरे में है और समय कम होता जा रहा है। क्लाइमेक्स कब आएगा?

जज्बातों का तूफान

लैपटॉप की स्क्रीन पर बच्ची को देखकर हीरो की हालत खराब हो गई। वो किसी भी कीमत पर उसे बचाना चाहता है। दीवार के पार दुश्मन में यह जज्बातों वाला पल बहुत असरदार था। उसने खुद को जमीन में गड़ा लिया ताकि कोई उसे देख न सके। यह चालाकी उसे बचा सकती है। सीन की एडिटिंग बहुत तेज है। दर्शक बंधे हुए हैं।

नक्शे वाला पेंच

नक्शे पर निशान देखकर सबकी समझ में आया कि अगला कदम क्या होना चाहिए। वहां मौजूद हर शख्स खतरनाक लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन की पटकथा में हर मोड़ पर नया पेंच है। बच्ची की आंखों में आंसू देखकर गुस्सा आता है। काश वो जल्दी बाहर आ जाए। व्हीलचेयर वाला शख्स अकेले ही सब पर भारी पड़ रहा है। क्या होगा आगे?

विजुअल्स का कमाल

अंधेरी सुरंग में टॉर्च की रोशनी का खेल बहुत खूबसूरत था। सिनेमेटोग्राफी ने डर का अहसास दिलाया। दीवार के पार दुश्मन में विजुअल्स पर खासा ध्यान दिया गया है। लकड़ी के बक्से के पीछे छिपी बच्ची की मासूमियत दिल को छू गई। वहां मौजूद गुंडे उसे ढूंढ रहे हैं। क्या वो पकड़ी जाएगी? यह सस्पेंस बना हुआ है। बजट बड़ा लग रहा है।

किरदारों की कशमकश

चमड़े के जैकेट वाले शख्स का गुस्सा साफ झलक रहा था। वो किसी बात पर बहुत नाराज लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन में किरदारों के बीच की कशमकश देखने लायक है। बुजुर्ग व्यक्ति की बातें सबको चुप करा रही हैं। शायद वो उनका लीडर है। बच्ची को बचाने की रेस अब तेज हो गई है। हर सेकंड कीमती है। व्हीलचेयर वाला शख्स हीरो है।

छिपने की चालाकी

व्हीलचेयर को छोड़कर रेंगने वाला दृश्य हिम्मत की मिसाल है। उसकी मजबूरी उसे रोक नहीं पा रही। दीवार के पार दुश्मन में यह संघर्ष बहुत प्रेरणादायक है। उसने ढक्कन बंद करके अपनी मौजूदगी छिपा ली। अब वो अचानक हमला कर सकता है। निगरानी वाले कमरे में बैठकर वो सब देख रहा है। तकनीक का इस्तेमाल भी हो रहा है। बहुत बढ़िया।

धमाकेदार अंत की उम्मीद

अंत में बच्ची का डरा हुआ चेहरा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वो किसी तरह की मदद का इंतजार कर रही है। दीवार के पार दुश्मन का यह सीजन बहुत धमाकेदार होने वाला है। सभी किरदार अपनी जगह सही लग रहे हैं। एक्शन से भरपूर कहानी आगे बढ़ रही है। उम्मीद है हीरो की जीत होगी। बुरे लोग सबक सीखेंगे। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा आ गया।