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दीवार के पार दुश्मनवां17एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

खजाने की खोज

इस श्रृंखला दीवार के पार दुश्मन में तनाव बहुत है। वो व्यक्ति जो चमड़े का कोट पहने है, उसकी आँखों में डर और लालच दोनों दिख रहे थे। जब उसने सोने की ईंटें देखीं, तो माहौल बदल गया। सुरंग का दृश्य बहुत ही रोमांचक था। मुझे यह कहानी देखना बहुत पसंद आया। कहानी में अगला मोड़ क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। हर पल नया कुछ होता है।

सुरंग का रहस्य

दीवार के पार दुश्मन की कहानी में गहराई है। जब जमीन में दरारें दिखीं, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। वो व्यक्ति जो रंगीन कमीज में था, उसका डरना स्वाभाविक था। खजाने तक पहुँचने का रास्ता आसान नहीं था। पानी और मिट्टी गिरने का दृश्य बहुत यथार्थ लगा। हर कड़ी में नया रहस्य मिलता है। मुझे यह अनुभव बहुत अच्छा लगा।

लालच का खेल

इस श्रृंखला दीवार के पार दुश्मन ने मुझे बांधे रखा। तिजोरी नंबर एक सौ निन्यानवे का रहस्य सुलझता जा रहा है। काले कपड़े वाले व्यक्ति की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी थी। जब उसने झोले में सोना भरा, तो लगा अब भागना मुश्किल होगा। मंच सजावट बहुत अच्छी है। अंधेरी सुरंगों में रोशनी का खेल कमाल का था। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया।

खतरे की घंटी

दीवार के पार दुश्मन में रोमांच का स्तर ऊंचा है। जब छत से मिट्टी गिरने लगी, तो सांसें रुक गईं। वो नेता जैसा व्यक्ति सबको संभालने की कोशिश कर रहा था। लेकिन लालच इंसान को अंधा बना देता है। सोने की चमक ने सबकी आँखें चौंधिया दीं। यह कहानी हमें लालच के अंजाम से भी रूबरू कराती है। अंत बहुत चौंकाने वाला है।

भागने का रास्ता

मुझे दीवार के पार दुश्मन का हर दृश्य पसंद आया। जब वो व्यक्ति सुरंग में रेंग रहा था, तो लगा वह किसी जानलेवा जाल में फंस गया है। पीछे से आवाजें आ रही थीं। क्या वो पकड़े जाएंगे? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगता है। खासकर डर के पल में चेहरे के भाव बहुत सटीक थे। मैं और देखना चाहता हूं।

सोने की चमक

इस श्रृंखला दीवार के पार दुश्मन में खजाने का लालच मुख्य वजह है। जब तिजोरी खुली और सोना दिखा, तो सबकी सांसें थम गईं। लेकिन क्या यह सोना उन्हें मिल पाएगा? रास्ते में कई मुश्किलें हैं। सुरंग का ढहना एक बड़ा मोड़ था। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि कैसे वे मुश्किलों का सामना करते हैं। कहानी बहुत रोचक है।

टोली का संघर्ष

दीवार के पार दुश्मन में समूह का काम दिलचस्प है। सबके अपने मकसद हैं। वो व्यक्ति जो बिस्तर पर लेटा था, अचानक कैसे उठा यह हैरान करने वाला था। सबकी आँखों में सवाल थे। नेता की बात मानना सबके बस की बात नहीं थी। टकराव बढ़ता जा रहा है। आगे क्या होगा यह देखने के लिए मैं बेताब हूं। कलाकारों ने अच्छा किया।

अंधेरी सुरंगें

इस श्रृंखला दीवार के पार दुश्मन का माहौल बहुत गहरा है। अंधेरे में रोशनी ही सहारा थी। जब पानी गिरने लगा, तो लगा सब खत्म हो गया। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। यह जुनून देखने लायक था। हर किरदार का अपना महत्व है। कहानी में उतार चढ़ाव बना हुआ है जो अच्छा लगता है। निर्देशन भी शानदार है।

रहस्यमयी तिजोरी

तिजोरी नंबर एक सौ निन्यानवे में क्या था, यह जानने की उत्सुकता थी। दीवार के पार दुश्मन ने इस रहस्य को खोला। सोने की ईंटें देखकर हैरानी हुई। लेकिन क्या यह सब एक साजिश है? वो व्यक्ति जो चुपचाप सब देख रहा था, उसकी चाल कुछ अलग थी। मुझे यह पहेली सुलझानी बहुत पसंद आ रही है। अगला भाग कब आएगा।

आखिरी मौका

दीवार के पार दुश्मन के इस भाग में जान का खतरा था। जब रास्ता बंद होने लगा, तो घबराहट बढ़ गई। सब एक दूसरे पर चिल्ला रहे थे। लेकिन वक्त कम था। सोना लेकर निकलना आसान नहीं था। यह कहानी हमें सिखाती है कि लालच का अंत बुरा होता है। मुझे यह संदेश बहुत पसंद आया। सबको यह देखना चाहिए।