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दीवार के पार दुश्मनवां28एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

बदले की आग

व्हीलचेयर पर बैठे उस शख्स की आंखों में डर नहीं बल्कि बदले की आग साफ दिख रही थी। जब उसने कुशन के नीचे पिस्टल छिपाई तो सांसें रुक गईं। दीवार के पार दुश्मन का ये मोड़ बहुत ही जबरदस्त लगा। खलनायक की एंट्री भी धमाकेदार थी। घर के अंदर का खौफनाक माहौल बखूबी दिखाया गया है। देखने वालों को ये थ्रिलर जरूर पसंद आएगा। बहुत ही लाजवाब कहानी है। हर दृश्य में तनाव बना हुआ है।

खूंखार विलेन

लंबे बालों वाला विलेन स्क्रीन पर आते ही रोंगटे खड़े कर देता है। उसके हाथ में बंदूक और चेहरे पर खूंखार मुस्कान देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। दीवार के पार दुश्मन में एक्शन के साथ इमोशनल कनेक्शन भी अच्छा है। बच्ची के सोने का दृश्य बहुत मासूमियत भरा था। खतरे के साये में भी परिवार की सुरक्षा की चिंता साफ झलकती है। ये कहानी दिल को छू लेती है।

सस्पेंस का खेल

जब फोन की घंटी बजी तो कमरे का सन्नाटा और गहरा गया। उस शख्स ने फोन उठाया लेकिन उसकी नजरें व्हीलचेयर वाले पर ही टिकी थीं। दीवार के पार दुश्मन की स्क्रिप्ट में ये छोटे छोटे सस्पेंस बहुत काम करते हैं। छिपा हुआ हथियार और सामने खड़ा दुश्मन। दोनों के बीच की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। मुझे ये साइकोलॉजिकल गेम बहुत पसंद आया।

सेटिंग और माहौल

घर की सजावट बहुत सुंदर थी लेकिन उसमें छिपा खतरा किसी को नहीं दिख रहा था। ट्रॉपिकल वॉलपेपर और लकड़ी का फर्श बहुत क्लासी लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन में सेट डिजाइन पर खासा ध्यान दिया गया है। व्हीलचेयर वाला किरदार अपनी मजबूरी में भी कितना ताकतवर दिखा है। उसकी आंखों की एक्टिंग देखते ही बनती है। हर पल लगता है कि अब गोली चल सकती है।

बीता कल और आज

फ्लैशबैक में दिखा खून खराबा देखकर ही समझ आ गया कि ये किरदार क्यों टूट चुका है। चेहरे पर खून के धब्बे और आंखों में दहशत साफ झलक रही थी। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में बीता कल और वर्तमान का टकराव बहुत तेज है। विलेन का टैटू भी उसके खूंखार इरादों की कहानी कह रहा था। भेड़िए वाला निशान देखकर ही समझ आ जाता है कि वो अकेला शिकारी है। बहुत ही गहराई वाली कहानी है।

टूटे रिश्ते

दोस्तों के बीच की ये दुश्मनी अब खून खराबे पर उतर आई है। एक वक्त पर साथ रहे होंगे लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। दीवार के पार दुश्मन में रिश्तों के टूटने का दर्द भी दिखाया गया है। व्हीलचेयर वाला शख्स चुपचाप सब सह रहा है लेकिन उसकी मुट्ठियां भिंची हुई हैं। जब वो गुस्सा करेगा तो तबाही मचेगी। ये इंतजार सबसे ज्यादा रोमांचक है।

मासूमियत और खतरा

बच्ची के सोने का दृश्य बहुत नाजुक था। उसे नहीं पता कि बाहर मौत मंडरा रही है। दीवार के पार दुश्मन में मासूमियत और खूंखारपन का कंट्रास्ट बहुत अच्छा है। पिता की चिंता साफ झलक रही थी कि कहीं बच्ची की नींद न टूट जाए। हथियारों की आवाज से पहले खामोशी ज्यादा डरावनी लगती है। ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बहुत ही बेहतरीन डायरेक्शन है।

विलेन की एंट्री

विलेन के कपड़े और उसका अंदाज बहुत ही खतरनाक लग रहा था। काली शर्ट और कैप में वो किसी साये जैसा लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत लिखा गया है। वो सिर्फ ताकत नहीं दिखा रहा बल्कि दिमाग भी लगा रहा है। फोन कॉल का इंतजार और फिर एंट्री। सब कुछ प्लान के मुताबिक हो रहा था। ये राजनीति और ताकत का खेल बहुत गहरा है।

असली एक्शन

एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत रियलिस्टिक लग रही थी। कोई भी हवा में फ्लाइंग किक नहीं मारी गई। दीवार के पार दुश्मन में जमीनी हकीकत को दिखाया गया है। गोलियां चलती हैं तो दर्द भी होता है। व्हीलचेयर वाले किरदार की बेबसी और हिम्मत दोनों देखने को मिलती हैं। ये कहानी सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि जज्बात की भी है। मुझे ये असलीपन बहुत पसंद आया।

अगला एपिसोड

अंत में जब वो फोन उठाता है तो लगता है कि अब असली खेल शुरू होगा। दीवार के पार दुश्मन का क्लाइमेक्स बहुत ही धमाकेदार होने वाला है। हर किरदार अपने रोल में पूरी तरह फिट बैठ रहा है। सेटिंग से लेकर डायलॉग तक सब कुछ प्रीमियम क्वालिटी का है। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। ये सीरीज रात भर जागकर देखने लायक है। बहुत ही शानदार प्रेजेंटेशन है।