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दीवार के पार दुश्मनवां20एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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पानी में डूबता डर

पानी में डूबते हुए उन लोगों का डर साफ़ दिख रहा था। सांस रुक गई थी देखते हुए। दीवार के पार दुश्मन ने जो तनाव पैदा किया है वो कमाल का है। सुरंग की रोशनी और अंधेरा सब कुछ रहस्यमयी लग रहा है। पहिए वाली कुर्सी वाला व्यक्ति सब कुछ देख रहा है। वो बस्ता जरूर कुछ खास है। अगली कड़ी कब आएगी। मुझे लगा जैसे मैं भी वहीं हूं। अभिनय बहुत दमदार है। हर पल संदेह बना रहता है। कौन दोस्त है कौन दुश्मन पता नहीं चलता। यह रोमांचक कहानी पसंद आया। बहुत गहरा असर छोड़ती है।

कुर्सी वाला राज

पहिए वाली कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की कहानी बहुत दिलचस्प है। वो सब कुछ देख रहा है पर चुप है। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं थे। उसके हाथ पर पट्टी बताती है कि वो पहले भी लड़ चुका है। गीला माहौल और ठंडी रोशनी डर बढ़ाती है। बचाव वाला दृश्य बहुत भावुक था। क्या वो सच में मदद कर रहा है या कोई खेल खेल रहा है। हर किरदार के अपने राज हैं। देखने वाला हैरान रह जाता है। ऐसी कहानियां कम ही मिलती हैं। मुझे बहुत पसंद आया।

बस्ते की जंग

सब लोग उस बस्ते के लिए लड़ रहे हैं। चमड़े का जैकेट पहना व्यक्ति बहुत शांत लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन रहस्य को बनाए रखता है। बूढ़े आदमी ने उसका पीछा क्यों किया। पानी वाले दृश्य में थैले सिर पर रखना बहुत अनोखा था। इतनी बेबसी किसी ने नहीं दिखाई। दृश्य कोण बहुत अच्छा है। हर कोने से खतरा महसूस होता है। कहानी में गहराई है। बस यही चाहते हैं कि जल्दी आगे क्या होता है देखें। सस्पेंस बना रहता है।

असली माहौल

दृश्य की गुणवत्ता बहुत शानदार है। अंधेरी सुरंगें और गीली सतहें सब असली लगती हैं। दीवार के पार दुश्मन बड़े बजट की फिल्म लगती है। बचाव के दौरान दृश्य कोण बहुत तीव्र थे। मुझे लगा जैसे मैं भी उनके साथ पानी में हूं। वास्तव में डुबकी लगाने वाला अनुभव है। ध्वनि प्रभाव भी बहुत अच्छे हैं। पानी की आवाज़ से घबराहट बढ़ती है। कलाकारों ने मेहनत की है। ऐसे शो देखकर मन तृप्त होता है। बहुत प्रभावशाली काम है।

भरोसे का खेल

जब हाथ नीचे से ऊपर की ओर बढ़ा तो रोंगटे खड़े हो गए। उनके बीच का भरोसा बहुत जटिल है। दीवार के पार दुश्मन भावनाओं के साथ खेलता है। शरीर पर बने चिह्न वाले व्यक्ति का चेहरा डर से उम्मीद तक बदलता है। बिना ज्यादा संवाद के कहानी कहना कठिन है। यहाँ सब कुछ चेहरे से समझ आता है। निर्देशन बहुत सटीक है। हर हावभाव मायने रखता है। दर्शक को बांधे रखता है। ऐसी कहानियां दिल पर असर करती हैं। मुझे बहुत अच्छा लगा।

तेज रफ़्तार

गति तेज है पर हर पल कीमती है। टकराव से लेकर बाढ़ तक यह कभी बोर नहीं करता। दीवार के पार दुश्मन दर्शकों को कैसे बांधे रखना है जानता है। सूखी जमीन से पानी के खतरे तक का बदलाव सहज था। मैंने पूरी रात इसे देखा। नींद नहीं आई इतना रोमांच था। हर दृश्य में नया खुलासा होता है। कहानी में ठहराव नहीं है। लगातार आगे बढ़ती है। ऐसे शो की कमी थी। बहुत संतोषजनक अनुभव रहा।

खलनायक की चाल

लंबे बालों वाला व्यक्ति खलनायक जैसा लग रहा है। शांत लेकिन खतरनाक। वह बस्ता ऐसे पकड़े है जैसे उसकी किस्मत हो। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे जटिल किरदार हैं। पहिए वाली कुर्सी वाले का भी कोई छिपा मकसद है। यहाँ कोई भी शुद्ध अच्छा नहीं है। सबके अपने लक्ष्य हैं। यह धूसर क्षेत्र बहुत पसंद आया। सच्चाई क्या है कोई नहीं जानता। हर कोई शक के दायरे में है। बहुत गहरी कहानी है।

बचने की वृत्ति

बचने की सहज वृत्ति यहाँ कच्ची है। सांस के लिए तरसना और थैले पकड़ना। यह घुटन भरा लगता है। दीवार के पार दुश्मन मानवीय कमजोरी को पकड़ता है। कीचड़ और पानी इसे कठोर बनाते हैं। मुझे असली स्टंट पसंद आए। कोई कृत्रिम प्रभावों का भरमार नहीं, बस शुद्ध तनाव। पसीना और पानी सब असली लगता है। कलाकारों का समर्पण दिखता है। ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। बहुत यादगार बन गया है।

सवालों का अंबार

सुरंग में क्या है? वे वहां क्यों हैं? इतने सारे सवाल उठते हैं। दीवार के पार दुश्मन देखते समय यही लगता है। पर्दा वाला कमरा निगरानी का संकेत देता है। कोई हमेशा देख रहा है। कहानी हर दृश्य के साथ गाढ़ी होती है। मुझे तुरंत जवाब चाहिए। रहस्य सुलझता नहीं है। उलझन बढ़ती जाती है। यह अनिश्चितता ही इसकी ताकत है। दर्शक को सोचने पर मजबूर करता है। बहुत ही बुद्धिमानी से लिखा गया है।

उम्मीद से परे

इस श्रृंखला ने मेरी उम्मीदों को पार कर दिया। अभिनय, वातावरण, रहस्य सब कुछ। दीवार के पार दुश्मन जरूर देखना चाहिए। बचाव दृश्य का भावनात्मक वजन मेरे साथ बना रहा। कार्रवाई और नाटक का सही मिश्रण है। रोमांचक कथा पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन है। हर कोई इसे देखे। बहुत प्रभावशाली कहानी है। मन को छू लेती है। ऐसे शो बार बार देखे जा सकते हैं। बहुत अच्छा लगा।