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नकली का 250, असली का खेलवां1एपिसोड

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नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

असली और नकली का खेल

लिन शियांगयू की आंखों में छिपा दर्द साफ दिख रहा है जब लिन ये मंच पर ढेर सारे पैसे लूट रहा है। यह दृश्य दिल को छू लेता है क्योंकि असली वारिस को नौकर की तरह खड़ा होना पड़ रहा है। नकली का २५०, असली का खेल में यह टकराव बहुत तेज है। लिन सुएमान का चुप रहना भी संदेह पैदा करता है कि क्या वह सच में अपने भाई के साथ है या फिर धोखे का हिस्सा है। हर पल तनाव बढ़ता जा रहा है।

मंच पर झूठी शान

लिन ये के चेहरे पर जो मुस्कान है वह असली नहीं लगती। वह जानता है कि वह सिर्फ एक नाटक कर रहा है। सु कियान से फोन पर बात करते हुए लिन शियांगयू की बेचैनी देखकर लगता है कि अब खेल बदलने वाला है। नकली का २५०, असली का खेल में यह पावर गेम बहुत गहरा है। कोई भी किसी पर भरोसा नहीं कर सकता। हर किरदार के अपने मकसद हैं।

आठ करोड़ का चेक

मंच पर दिखाया गया विशाल चेक देखकर हैरानी होती है। लिन ये को इतना बड़ा इनाम मिल रहा है जबकि लिन शियांगयू को अनदेखा किया जा रहा है। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में यह पैसा सिर्फ एक हथियार है। असली ताकत कौन है यह जल्द ही सामने आएगा। लिन सुएमान की चुप्पी सबसे बड़ा सवाल है। दर्शक के रूप में हम बस हैरान रह जाते हैं।

बहन का दोहरा चेहरा

लिन सुएमान लाल पोशाक में बहुत खूबसूरत लग रही हैं लेकिन उनके भाव गंभीर हैं। क्या वह लिन शियांगयू की मदद करेंगी या लिन ये का साथ देंगी। नकली का २५०, असली का खेल में परिवार के अंदरूनी झगड़े बाहर के लोगों को नहीं दिखते। इस ड्रामे में हर किरदार के अपने मकसद हैं। दर्शक के रूप में हम बस हैरान रह जाते हैं। सस्पेंस बना हुआ है।

कर्मचारी कार्ड का दर्द

लिन शियांगयू के गले में कर्मचारी का कार्ड देखकर बुरा लगा। वह असली मालिक है फिर भी उसे कर्मचारी बनना पड़ा। लिन ये का घमंड साफ झलक रहा है। नकली का २५०, असली का खेल में यह असमानता बहुत चुभती है। उम्मीद है जल्द ही असली सच सबके सामने आएगा और सबकी आंखें खुलेंगी। यह कहानी बहुत रोचक है।

फोन कॉल का राज

सु कियान से बात करते समय लिन शियांगयू का चेहरा बदल जाता है। शायद वह मदद मांग रहा है या कोई योजना बना रहा है। ऑफिस के सीन में सु कियान का अंदाज बहुत प्रभावशाली है। नकली का २५०, असली का खेल में यह कहानी सिर्फ पैसे की नहीं बल्कि इज्जत की भी है। हर मोड़ पर नया ट्विस्ट आ रहा है। देखने में मजा आ रहा है।

सालाना बैठक का शोर

सालाना बैठक में तालियां बज रही हैं लेकिन लिन शियांगयू के लिए यह शोर शोरबा लग रहा है। लिन ये की जीत झूठी है। नकली का २५०, असली का खेल में यह माहौल बहुत अच्छे से बनाया गया है। भीड़ की खुशी और हीरो का दुख एक साथ दिखाया गया है। यह विरोधाभास बहुत गहरा असर छोड़ता है। कहानी आगे बढ़ती जा रही है।

धोखे की नींव

लिन ये को पता है कि वह नकली है फिर भी वह मंच पर राज कर रहा है। लिन शियांगयू की खामोशी सबसे बड़ी ताकत है। वह जल्द ही सबको सबक सिखाएगा। नकली का २५०, असली का खेल में लिन सुएमान के कानों में झूमर और आंखों में चिंता है। यह ड्रामा परिवार के रिश्तों की सच्चाई दिखाता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।

असली वारिस की वापसी

लिन शियांगयू धीरे धीरे मंच की तरफ बढ़ रहा है। यह पल बहुत रोमांचक है। लिन ये की हंसी अब ज्यादा देर नहीं टिकेगी। नकली का २५०, असली का खेल का क्लाइमेक्स पास आ रहा है। सु कियान की एंट्री से कहानी में नई जान आ गई है। अब देखना है कौन बाजी मारता है। हर सीन में नया उत्साह है।

अंत की शुरुआत

यह वीडियो सिर्फ एक झलक है लेकिन कहानी बहुत गहरी लग रही है। लिन ग्रुप की सालाना पार्टी में सब कुछ उलट पलट हो रहा है। लिन शियांगयू की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों हैं। नकली का २५०, असली का खेल में लिन ये का अहंकार टूटने वाला है। यह कहानी देखने लायक है और अंत तक बांधे रखती है। बहुत पसंद आया।