PreviousLater
Close

नकली का 250, असली का खेलवां3एपिसोड

2.0K2.0K

नकली का 250, असली का खेल

रणवीर मेहता, मेहता ग्रुप का असली बेटा, बिछड़ने के बाद घर लौटता है। वह परिवार के लिए जान लगा देता है और कंपनी को सालाना तीस हज़ार करोड़ दिलाता है, लेकिन सालाना जश्न पर नकली बेटा सिद्धांत उसे सिर्फ 250 युआन का बोनस देकर बेइज्जत करता है और उसके अपने माता-पिता व बहन भी नकली का साथ देते हैं। अब रणवीर का धैर्य टूट चुका है, वह घर छोड़कर मेहता ग्रुप को सबक सिखाने की तैयारी करता है। क्या रणवीर अपने ही परिवार को हरा पाएगा? और यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी?
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

लाल पोशाक वाली की दहाड़

लाल पोशाक वाली की एंट्री देखकर रोंगटे खड़े हो गए। ऑफिस में ऐसे सीन देखना आम बात नहीं है। नकली का २५०, असली का खेल में पावर डायनामिक्स बहुत तेजी से बदलते हैं। सफेद सूट वाले की बेबसी साफ दिख रही थी जब पैसे हवा में उड़े। यह बदले की आग किसी और लेवल पर है। सब हैरान थे। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा आया।

चश्मे वाले का खौफ

चश्मे वाले की खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी थी। बिना कुछ बोले सब कुछ तय कर दिया। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। सफेद सूट वाले को सुरक्षा गार्ड्स के साथ घसीटते देख दिल दहल गया। ऑफिस पॉलिटिक्स कभी इतनी खतरनाक नहीं लगी थी। सब चुप थे।

उड़ते नोट्स और इज्जत

हवा में उड़ते नोट्स देखकर लगा जैसे किसी की इज्जत भी उड़ रही हो। नकली का २५०, असली का खेल में यह सीन सबसे यादगार बना। लाल पोशाक वाली का गुस्सा साफ झलक रहा था। सफेद सूट वाले की हालत देखकर तरस आया पर शायद उसने कोई गलती की होगी। माहौल खराब था।

तमाशबीन कर्मचारी

ऑफिस के बाकी कर्मचारी बस तमाशबीन बने रहे। किसी ने मदद नहीं की। नकली का २५०, असली का खेल में यह यथार्थ बहुत कड़वा लगा। सफेद सूट वाला चीखता रहा पर कोई नहीं सुना। लाल पोशाक वाली की पोजीशन कितनी मजबूत है यह सबको पता चल गया। डर साफ था।

नौकरी का अंत

सफेद सूट वाले का बॉक्स गिरते ही सब खत्म हो गया। नकली का २५०, असली का खेल में नौकरी जाने का यह अंदाज बहुत फिल्मी लगा। चश्मे वाले के इशारे पर सब हुआ। लगता है सफेद सूट वाले ने बड़े लोगों को नाराज कर दिया था। अंत बुरा हुआ।

खामोश गुस्सा

लाल पोशाक वाली की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। एक शब्द नहीं बोली पर सब समझ गए। नकली का २५०, असली का खेल में डायलॉग से ज्यादा एक्शन बोले। सफेद सूट वाला जमीन पर गिरा तो लगा कहानी का अंत हो गया। पर शायद यह शुरूआत है। रोमांच था।

गार्ड्स की सख्ती

सुरक्षा गार्ड्स का व्यवहार बहुत सख्त था। किसी की भावनाओं की कद्र नहीं। नकली का २५०, असली का खेल में पावर का गलत इस्तेमाल दिखाया गया। सफेद सूट वाला बेचारा कुछ कर पाता उससे पहले ही घसीट लिया गया। लाल पोशाक वाली चुपचाप सब देखती रही। ताकत दिखी।

टूटा सपना

यह सीन देखकर लगा जैसे कोई सपना टूट गया हो। नकली का २५०, असली का खेल की रफ्तार बहुत तेज है। चश्मे वाले की स्माइल के पीछे का मतलब समझना मुश्किल था। सफेद सूट वाले की किस्मत वहीं बदल गई जब पैसे हवा में थे। सब शॉक में थे।

तनावपूर्ण माहौल

ऑफिस का माहौल एकदम तनावपूर्ण हो गया था। सबकी सांसें रुकी हुई थीं। नकली का २५०, असली का खेल में यह क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार था। लाल पोशाक वाली का लुक ही बता रहा था कि वह मालिक कौन है। सफेद सूट वाले की चीखें व्यर्थ गईं। शोर था।

हार और जीत

अंत में सफेद सूट वाला जमीन पर पड़ा रहा। नकली का २५०, असली का खेल में हार और जीत का फर्क साफ दिखा। चश्मे वाले ने बिना हाथ लगाए सब कर दिया। लाल पोशाक वाली की ताकत के आगे सब फीके पड़ गए। यह ड्रामा देखने लायक है। मजा आया।