हेलीकॉप्टर वाला दृश्य बहुत शानदार था लेकिन दफतर में जो हुआ वो दिल दहला देने वाला है। उस आदमी को जमीन पर देखकर बहुत बुरा लगा। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसा लगता है कि असली ताकतवर कौन है ये अभी साबित होना बाकी है। लाल पोशाक वाली महिला की चुप्पी सबसे डरावनी है। सबकी सांसें रुकी हुई हैं।
चश्मे वाला आदमी बहुत घमंडी लग रहा है। उसने जिस तरह से उस बेचारे को कुचला वो सहन नहीं हुआ। क्या वो जानता है कि वो किसके साथ खेल रहा है। नकली का २५०, असली का खेल की कहानी में ये झगड़ा बहुत बड़ा होने वाला है। सुरक्षाकर्मी बस खड़े देख रहे थे जो अजीब लगा। बहुत गुस्सा आ रहा है ये देखकर।
लाल पोशाक वाली महिला की एंट्री बहुत दमदार थी। वो कुछ बोली नहीं पर उसकी आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। शायद वो ही असली मालकिन है। नकली का २५०, असली का खेल में शक्ति का संतुलन बहुत दिलचस्प है। सब लोग फोन निकालकर दृश्य बना रहे थे जो आज के जमाने की सच्चाई है। कोई आगे नहीं आया।
बुजुर्ग दंपति के आते ही माहौल बदल गया। लगता है अब खेल पलटने वाला है। उस लड़के को जमीन पर देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ होगा। नकली का २५०, असली का खेल में परिवार की एंट्री हमेशा मोड़ लाती है। उम्मीद है अब उस बेचारे की मदद होगी और सच सामने आएगा। रास्ता साफ हो रहा है धीरे धीरे।
जमीन पर लेटे उस लड़के की तकलीफ साफ दिख रही थी। उसका चेहरा दर्द से भरा था। क्यों कोई उसके साथ ऐसा कर रहा है। नकली का २५०, असली का खेल में शायद वो ही नायक है जो अभी छुपा हुआ है। दफतर का माहौल बहुत जहरीला लग रहा है जहाँ कोई मदद को नहीं आया। बहुत दुख हुआ ये देखकर सबके लिए।
शुरू में हवाई अड्डा और हेलीकॉप्टर दिखाकर लगा कोई बड़ी कहानी है। फिर दफतर की गंदगी दिखाई गई। ये विरोधाभास बहुत अच्छा था। नकली का २५०, असली का खेल में अमीरी और गरीबी का खेल चल रहा है। पायलट वाली महिला कहाँ गई अचानक। शायद वो भी वापस आएगी बदला लेने। कहानी में दम है।
बाकी कर्मचारी बस खड़े तमाशबीन बने रहे। किसी ने मदद नहीं की बस फोन चलाया। ये समाज का आईना है। नकली का २५०, असली का खेल में ये दिखाते हैं कि डर कैसे लोगों को चुप करा देता है। मालिक का डर सब पर छाया हुआ था। बहुत असली लगा ये दृश्य। सबकी आँखें फोन पर थीं बस।
उस बुरे आदमी के चेहरे पर जो मुस्कान थी वो बहुत खतरनाक थी। उसे लगता है वो सब कुछ नियंत्रण कर सकता है। नकली का २५०, असली का खेल में ऐसे खलनायक का अंत बहुत बुरा होता है। उसने जो किया उसका बदला जरूर मिलेगा। कपड़े साफ सुथरे पर इंसान गंदा है। बहुत नफरत हुई उससे।
आगे क्या होगा ये जानने की बहुत उत्सुकता है। क्या वो लड़का बचेगा या कुछ और होगा। माता पिता की एंट्री ने नई उम्मीद दी है। नकली का २५०, असली का खेल की हर कड़ी सस्पेंस से भरी है। एडिटिंग और अभिनय बहुत बढ़िया है। मैं अगला भाग देखने का इंतजार नहीं कर सकता। बहुत रोचक है।
कुल मिलाकर ये नाटक बहुत रोचक है। भावना और संघर्ष दोनों है। लाल पोशाक वाली महिला का किरदार सबसे रहस्यमयी लगा। नकली का २५०, असली का खेल में हर किरदार की अपनी कहानी है। वीडियो की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। ऐसे ही अच्छे सामग्री की उम्मीद है आगे भी। सबको देखना चाहिए।