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दीवार के पार दुश्मनवां18एपिसोड

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दीवार के पार दुश्मन

आदित्य सिंह की पूरी फाल्कन टीम को ब्लैक टाइगर गैंग मार चुका है। सिर्फ आदित्य बचा। पंद्रह साल तक वह दुश्मन को ढूंढता रहा, पर कोई सुराग नहीं मिला। आत्महत्या करने से पहले वह सुनता है कि बगल की बेसमेंट में आवाज़ है, जहाँ सालों से कोई नहीं रहता। छुपकर देखने पर पता चलता है कि अंदर वही लोग हैं जिन्हें वह ढूंढ रहा था। अब आदित्य उन बुजुर्गों और साथियों के माता-पिता की रक्षा भी करना चाहता है और अपना बदला भी लेना चाहता है। वह दुश्मन को आपस में लड़ाता है, लेकिन क्या वह इन सबके बीच सबको बचा पाएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

घायल नायक का संघर्ष

घायल नायक की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। सुरंग में फंसा वह व्यक्ति कैसे बचेगा यह देखना रोमांचक था। दीवार के पार दुश्मन में ऐसा ट्विस्ट उम्मीद नहीं था। पानी का रिसाव और विस्फोट का दृश्य बहुत तीव्र था। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन बार बार देखने को मन करता है। सस्पेंस बना हुआ है। हर पल में डर है। जोखिम बहुत ज्यादा है। कहानी बहुत गहरी है।

लालच का खेल

खलनायक लोगों ने तिजोरी लूट ली है। सोने की ईंटें और नोट देखकर लालच साफ झलकता है। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में यह लूट कांड मुख्य मोड़ है। छिपा हुआ व्यक्ति सब सुन रहा है। बदला कैसे लेगा यह जानना जरूरी है। एक्शन और ड्रामा का सही मिश्रण है। दर्शक बंधे रहते हैं। अंत क्या होगा। सब इंतजार कर रहे हैं।

डरावना माहौल

सुरंग के अंदर का माहौल बहुत डरावना था। अंधेरा और पानी का बहाव खतरनाक लग रहा था। दीवार के पार दुश्मन में लोकेशन का चयन बहुत अच्छा किया गया है। दो व्यक्ति भागते हुए दिखे। पीछे छूटा हुआ घायल योद्धा अब क्या करेगा। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया। सीन बहुत असली लगा। मेहनत दिखती है।

छिपने का जोखिम

लकड़ी के ढक्कन के नीचे छिपना बहुत जोखिम भरा था। धूल और धुएं के बीच वह व्यक्ति सांस रोके था। दीवार के पार दुश्मन में यह छिपने का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। ऊपर चल रहे लोगों को पता नहीं चला। आगे की कहानी में वह कैसे बाहर आएगा। यह सवाल दिमाग में है। धैर्य जरूरी है। वक्त आने पर सब पता चलेगा।

विस्फोट का दृश्य

गिनती शुरू होते ही धमाका हुआ। जमीन टूट गई और सब कुछ बिखर गया। दीवार के पार दुश्मन में विजुअल इफेक्ट्स बहुत शानदार हैं। वॉल्ट का दरवाजा टूटते ही चोर खुश हो गए। लेकिन क्या वे सही सलामत भाग पाएंगे। यह देखना बाकी है। मुझे यह एक्शन पसंद आया। जोरदार धमाका था। सीन याद रहेगा।

सोने का लालच

सोने की ईंटों को बैग में भरते हाथ कांप रहे थे। लालच में अंधे होकर वे सब कुछ भूल गए। दीवार के पार दुश्मन में यह लालच का विषय बहुत गहरा है। घायल व्यक्ति चुपचाप सब देख रहा था। बदले की आग अब भड़केगी। कहानी में अब नया मोड़ आएगा। बहुत ही रोमांचक लग रहा है। अंत अच्छा होगा। उम्मीद बाकी है।

पानी का इशारा

पाइप से टपकता पानी खतरे की घंटी था। उसने समय रहते जगह बदल ली। दीवार के पार दुश्मन में छोटी छोटी चीजों का ध्यान रखा गया है। सुरंग में अंधेरा था पर उम्मीद बाकी थी। वह व्यक्ति हार नहीं मान रहा था। उसकी जिद्द देखकर सम्मान बढ़ता है। यह सीन दिल को छू गया। प्रेरणा मिलती है। जीत जरूरी है।

गलतफहमी का अंत

वॉल्ट रूम में घुसते ही चोरों के चेहरे खिल गए। उन्हें लगा सब कुछ प्लान के मुताबिक है। दीवार के पार दुश्मन में यह गलतफहमी बड़ी साबित होगी। घायल नायक अभी जिंदा है। वह उन्हें सबक सिखाएगा। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज बहुत हिट हो रही है। मुझे अगला एपिसोड चाहिए। जल्दी आएगा। इंतजार है।

भागते हुए चोर

भागते हुए चोरों के पैरों में घबराहट थी। पीछे से धमाके की आवाज आ रही थी। दीवार के पार दुश्मन में पीछा करने का डर साफ दिखता है। छिपा हुआ व्यक्ति चुपचाप मौका ताक रहा था। जब वह निकलेगा तो तबाही मचेगी। यह कल्पना ही रोमांचित करती है। बहुत बढ़िया एक्टिंग है। सबने अच्छा किया। मजा आ गया।

नायक की ताकत

घायल अवस्था में भी हौसला नहीं टूटा। उसने खुद को संभाला और छिप गया। दीवार के पार दुश्मन में नायक की ताकत दिखाई गई है। दुश्मन समझते हैं वे जीत गए हैं। पर असली खेल तो अब शुरू होगा। यह कहानी दर्शकों को बांधे रखती है। मुझे यह थ्रिलर बहुत पसंद आया है। सब देखें। मजा आएगा। कहानी अच्छी है।