इस एक्शन सीन में टेक्नोलॉजी और मार्शल आर्ट्स का टकराव देखने लायक है। जब वह लाल चश्मा पहनकर दुश्मन को हराने की कोशिश करता है, तो लगता है कि सिस्टम भी उसकी मदद नहीं कर पा रहा। जनिटर का माइटि फिस्ट में दिखाया गया यह संघर्ष बताता है कि मशीन कितनी भी एडवांस हो, इंसानी हुनर के आगे फेल हो जाती है। अंत में चश्मा टूटते ही असली ताकत सामने आती है।
पूरे फाइट सीन के दौरान वह लड़की चुपचाप खड़ी सब देख रही थी, जो बहुत इंट्रेस्टिंग था। उसकी ड्रेसिंग और गहने बता रहे थे कि वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जनिटर का माइटि फिस्ट के इस हिस्से में जब हीरो जीत जाता है, तो उसकी मुस्कान सब कुछ कह जाती है। लगता है वह हीरो की असली ताकत को पहचानती है और उस पर गर्व महसूस कर रही है।
दीवार के पास बैठा वह आदमी शुरू से ही डरा हुआ लग रहा था। जब फाइट खत्म हुई और हीरो उसके पास गया, तो उसकी हालत देखने लायक थी। जनिटर का माइटि फिस्ट में इस किरदार ने दिखाया कि पावर सिर्फ मुक्कों में नहीं, बल्कि हिम्मत में भी होती है। हीरो के एक कदम बढ़ाने पर ही वह कांपने लगा, जो उसकी कमजोरी को उजागर करता है।
जब हीरो के मुंह से खून निकलने लगा, तब भी वह रुका नहीं। यह सीन जनिटर का माइटि फिस्ट का सबसे इमोशनल पल था। दर्द के बावजूद उसने हार नहीं मानी और आखिर में दुश्मन को धूल चटा दी। उसका गुस्सा और जुनून देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह साबित करता है कि असली योद्धा कभी नहीं झुकता, चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों।
वीडियो में बार-बार 'सिस्टम एनालिसिस एरर' का मैसेज आना बहुत क्रिएटिव था। ऐसा लग रहा था जैसे दुश्मन का कंप्यूटर सिस्टम हीरो की स्पीड और ताकत को समझ नहीं पा रहा। जनिटर का माइटि फिस्ट में यह तकनीकी खराबी दरअसल हीरो की अप्रत्याशितता को दर्शाती है। जब मशीन हैरान हो जाए, तो समझो सामने वाला कोई साधारण इंसान नहीं है।