जब वो मास्क पहने आदमी मुस्कुराता है, तो लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। जानिटर का माइटि फिस्ट में ये डायलॉग और एक्सप्रेशन बहुत ही तगड़े हैं। खासकर जब वो इशारा करता है, तो लगता है कि अब लड़ाई शुरू होगी। सीन की टेंशन बहुत अच्छी तरह से बनाई गई है।
लड़की के चेहरे पर जो डर और चिंता दिख रही है, वो बहुत रियल लगती है। जानिटर का माइटि फिस्ट में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी आँखों में जो सवाल हैं, वो बिना बोले सब कुछ कह देते हैं। बहुत ही दमदार एक्टिंग है।
काली टी-शर्ट वाले की बॉडी लैंग्वेज से ही पता चल जाता है कि वो कितना ताकतवर है। जानिटर का माइटि फिस्ट में जब वो गुस्से में आता है, तो माहौल बदल जाता है। उसकी मुट्ठियाँ भिंचना और आँखों में आग देखकर लगता है कि अब वो किसी को नहीं छोड़ेगा।
मास्क पहनकर सूट में खड़ा वो आदमी बहुत ही मिस्टीरियस लग रहा है। जानिटर का माइटि फिस्ट में उसका हर एक्सप्रेशन और हर मूवमेंट प्लॉट का हिस्सा लगता है। वो सिर्फ खड़ा है, लेकिन उसकी मौजूदगी ही डरावनी है। बहुत ही अच्छा कैरेक्टर डिज़ाइन है।
जब काली टी-शर्ट वाला और मास्क वाला आमने-सामने आते हैं, तो एक्शन की बौछार शुरू हो जाती है। जानिटर का माइटि फिस्ट में ये फाइट सीन बहुत ही तेज़ और इंटेंस है। हर पंच और हर किक में ताकत दिखती है। दर्शक के रूप में साँस रुक जाती है।