जब सफाई कर्मचारी ने अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए मुक्का चलाया, तो पूरा मंदिर कांप उठा। जानिटर का माइटि फिस्ट में दिखाया गया क्रोध इतना तीव्र था कि दर्शक भी सहम गए। लंबे बालों वाले विलेन की हंसी अब रोने में बदल गई थी। यह दृश्य साबित करता है कि एक पिता का गुस्सा किसी भी सुपरपावर से बड़ा होता है।
विलेन को लगा था कि वह लॉकेट छीनकर जीत गया है, लेकिन उसे नहीं पता था कि वह उसकी मौत की घंटी बजा रहा है। जानिटर का माइटि फिस्ट में यह ट्विस्ट बहुत शानदार था। जब हीरो ने देखा कि उसकी पत्नी को कैसे मारा गया, तो उसकी आंखों में जो आग थी, उसने सब कुछ जला दिया। एक्शन के साथ इमोशन का बेहतरीन मिश्रण।
सिर्फ एक लॉकेट के लिए इतना सब कुछ? नहीं, यह सिर्फ धातु का टुकड़ा नहीं था, यह उसकी यादों का आखिरी सहारा था। जानिटर का माइटि फिस्ट में हीरो का दर्द इतना गहरा था कि स्क्रीन के बाहर भी महसूस हो रहा था। जब उसने विलेन का गला दबाया, तो लग रहा था जैसे वह अपनी तकदीर को ही दबा रहा हो। दिल को छू लेने वाला सीन।
शुरुआत में हीरो को पीटा गया, लेकिन अंत में पलटवार इतना जोरदार था कि विलेन के होश उड़ गए। जानिटर का माइटि फिस्ट के फाइट सीन्स में जो रॉ पावर दिखाई गई, वह कमाल की थी। खासकर जब हीरो ने एक ही वार में दुश्मन को धराशायी कर दिया। कोरियोग्राफी और एक्टिंग दोनों ने मिलकर इस सीन को यादगार बना दिया।
लड़की की आंखों में डर और हैरानी साफ दिख रही थी। वह समझ नहीं पा रही थी कि अचानक सब कुछ कैसे बदल गया। जानिटर का माइटि फिस्ट में उसका रिएक्शन बहुत नेचुरल था। जब उसके पिता ने बदला लिया, तो उसका चेहरा देखकर लग रहा था कि वह अपने पिता को नई नजरों से देख रही है। बच्चे के नजरिए से कहानी का यह पहलू बहुत प्यारा था।