शुरुआत में ही नीली चमक और काला मुखौटा पहने किरदार ने माहौल में तनाव भर दिया। उसकी चाल में एक अजीब सी शक्ति थी जो दर्शकों को बांधे रखती है। जनिटर का माइटी फिस्ट में ऐसे विलेन का होना कहानी को और भी रोचक बना देता है। बुजुर्ग गुरु का शांत चेहरा और युवा शिष्यों की घबराहट देखकर लगता है कि अब बड़ा संघर्ष होने वाला है।
काले कपड़ों वाले बुजुर्ग गुरु की आंखों में जो गहराई है, वह सब कुछ बता देती है। वे न तो डर रहे हैं और न ही घबराए हुए हैं, बस एक अजीब सी शांति है। जब वह उंगली से इशारा करते हैं, तो लगता है जैसे वे किसी बड़ी योजना का हिस्सा हैं। जनिटर का माइटी फिस्ट के इस दृश्य में पात्रों के बीच का मनोविज्ञान बहुत गहराई से दिखाया गया है।
सफेद कपड़ों वाले युवक की हालत देखकर दिल दहल गया। वह गले से पकड़ा हुआ है और उसकी आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा है। यह दृश्य दर्शाता है कि दुश्मन कितना बेरहम है। जनिटर का माइटी फिस्ट में ऐसे भावनात्मक क्षण कहानी की रफ्तार को तेज कर देते हैं। बाकी शिष्यों की प्रतिक्रियाएं भी इस बात का सबूत हैं कि खतरा कितना गंभीर है।
पीछे बैठे लोग और उनकी पोशाकें इस बात का संकेत देती हैं कि यह कोई साधारण जगह नहीं है। भूरे और हरे कपड़ों वाले लोग शायद अन्य कबीलों या गुटों के नेता हैं। उनकी चिंतित शक्लें बता रही हैं कि वे भी इस नए खतरे से परेशान हैं। जनिटर का माइटी फिस्ट का मंच सज्जा और किरदारों की वेशभूषा बहुत ही शानदार और विस्तृत है।
विलेन के शरीर से निकलने वाली नीली रोशनी सिर्फ एक विशेष प्रभाव नहीं, बल्कि उसकी अलौकिक शक्ति का प्रतीक है। जब वह अपनी मुट्ठी भींचता है, तो हवा में बिजली कड़कती है। यह दृश्य दावत दर्शकों को हैरान कर देता है। जनिटर का माइटी फिस्ट में ऐसे काल्पनिक तत्व कहानी को एक अलग ही लेवल पर ले जाते हैं।