जब सफाई कर्मचारी ने अपनी मुट्ठी उठाई, तो पूरा मैदान सन्न रह गया। उसकी आँखों में वो आग थी जो सालों के अपमान से जली थी। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी देखकर लगता है कि असली ताकत पोशाक में नहीं, इरादों में होती है। उस लड़की की चिंता और बूढ़े आदमी की हंसी सब कुछ बता रही थी।
भूरे कपड़े वाला आदमी कितना चालाक है! वह हंस रहा था जबकि उसका साथी जमीन पर तड़प रहा था। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में ये दिखाया गया है कि कैसे अहंकार इंसान को अंधा कर देता है। काले कपड़े वाला युवक भी कम नहीं था, उसकी आँखों में घमंड साफ दिख रहा था।
उस लड़की की आँखों में आंसू थे जब उसने अपने घायल दोस्त को देखा। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी का ये सीन दिल को छू गया। जब उसने उसके गाल को छुआ, तो लगा जैसे वक्त थम गया हो। ऐसे पल ही तो असली कहानी बनाते हैं, न कि सिर्फ मारपीट।
काले कपड़े वाले युवक को लगा वह सब कुछ जीत जाएगा, पर अंत में उसे ही मुंह की खानी पड़ी। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में ये सबक बहुत अच्छे से दिया गया है। घमंड इंसान को कहां ले जाता है, ये सबने देखा। उसकी हंसी अब रोने में बदल चुकी थी।
कोई नहीं सोच सकता था कि एक साधारण सफाई कर्मचारी इतना ताकतवर निकलेगा। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी ने साबित कर दिया कि हीरो किसी भी वेश में आ सकता है। उसकी साधारण पोशाक के पीछे छिपी थी असली ताकत। ये देखकर रोंगटे खड़े हो गए।