जब जान पर बन आए तो इंसान कैसे उठता है, यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। जैनिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। विलेन का घमंड और हीरो का जज्बात दोनों कमाल के हैं। बस यही उम्मीद है कि अगले एपिसोड में पलटवार देखने को मिले।
नीली चश्मे पहना हुआ दुश्मन काफी अलग लग रहा था। उसकी हंसी और ताने मारने का अंदाज देखकर गुस्सा आ रहा है। जैनिटर की शक्तिशाली मुट्ठी की कहानी में यह विलेन सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सादे कपड़ों वाले हीरो के सामने उसकी तकनीक फेल होती दिख रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे एक्शन कम ही देखने को मिलते हैं।
बीच में खड़ी लड़की के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। जब हीरो खून से लथपथ हुआ तो उसकी आंखें फैल गईं। जैनिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में इमोशनल एंगल भी बहुत स्ट्रॉन्ग है। सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि पात्रों के बीच का कनेक्शन भी दिखाया गया है। दीवार से सटे सूट वाले व्यक्ति की हालत भी खराब थी।
कोने में बैठे सूट वाले शख्स की हालत देखकर तरस आ रहा था। वह कुछ कर नहीं पा रहा था बस देखता रहा। जैनिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में हर किरदार की अपनी कहानी है। हीरो की चोटें देखकर लग रहा था कि अब सब खत्म हो गया, पर वह फिर खड़ा हो गया। यह जिद्द ही तो असली ताकत है।
फर्श पर गिरा खून देखकर सीन बहुत इंटेंस हो गया। हीरो के मुंह से निकला खून दर्द का अंदाजा लगा रहा था। जैनिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में एक्शन के साथ दर्द भी असली लगता है। विलेन की ताकत के आगे वह अकेला पड़ गया था, फिर भी हिम्मत नहीं हारी। ऐसे सीन बार बार देखने का मन करता है।