कुल मिलाकर यह शो बहुत प्रभावशाली है। शुरू से अंत तक बोरियत नहीं होती। हंटिंग नेट ने अपनी पहचान बना ली है। ऐसे थ्रिलर हिंदी में कम ही देखने को मिलते हैं। हर किरदार अपनी जगह महत्वपूर्ण है। चाकू हो या रिपोर्ट या वर्दी। सब कुछ कहानी का हिस्सा है। मैंने नेटशॉर्ट प्लेटफॉर्म पर देखा और मजा आया। आप भी जरूर देखें। यह समय बर्बाद नहीं होने वाला। बहुत बढ़िया शो है।
मजबूरी में इंसान क्या कर सकता है यह इस शो ने दिखाया। कैंसर की रिपोर्ट ने सब बदल दिया। हंटिंग नेट में ऐसे सामाजिक मुद्दे उठाए गए हैं। उस व्यक्ति ने शायद आखिरी रास्ता चुना था। लेकिन हिंसा का कोई हल नहीं होता। अफसर ने अपना फर्ज निभाया। यह कहानी बहुत गहरी है। हर किसी को यह देखनी चाहिए। बहुत कुछ सीखने को मिलता है इससे। जीवन का सच है यह।
माहौल बनाने में इस शो का कोई जवाब नहीं। बादल और बारिश ने डर को बढ़ा दिया। हंटिंग नेट की यह खासियत है कि यह मौसम का उपयोग करती है। चाकू वाली नोकझोक बहुत तनावपूर्ण थी। कोई नहीं जानता था कि अगला पल क्या होगा। उस व्यक्ति की चीखें कानों में गूंज रही थीं। अंत में जब वह गिरा तो लगा कहानी खत्म हुई। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं। यह शो सोचने पर मजबूर करता है। बहुत गहरा है।
अभिनय की बात करें तो सबने जान डाल दी है। वृद्ध व्यक्ति की आंखों में पागलपन और दर्द दोनों थे। हंटिंग नेट में ऐसे कलाकार मिलना मुश्किल है। युवती ने डर को बहुत अच्छे से व्यक्त किया। जब गोली लगी तो चेहरे पर झटका साफ दिखा। बारिश का सीन शूट करना मुश्किल होता है लेकिन यह बहुत असली लगा। हर एंगल से कैमरा काम कर रहा था। यह शो तकनीकी रूप से भी बहुत अच्छा है। देखने में मजा आया।
शुरुआत में बैंच पर बैठे उस व्यक्ति की हालत देखकर दिल दहल गया। जब उसने कैंसर की रिपोर्ट दिखाई तो लगा कहानी बहुत दुखी होगी। लेकिन हंटिंग नेट ने ऐसा मोड़ दिया कि सांस रुक गई। बारिश में चाकू वाला सीन बहुत डरावना था। युवती की आंखों में डर और फिर मुस्कान देखकर हैरानी हुई। अंत में गोली चलना जरूरी था। यह शो सच में बहुत तेज रफ्तार है। हर पल नया सस्पेंस मिलता है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई। देखने वाले को बांधे रखती है।
इस शो का सबसे अच्छा हिस्सा है भावनाओं को दिखाना। उस वृद्ध व्यक्ति के चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा था। उसने अपनी बीमारी छुपाई नहीं लेकिन हार भी नहीं मानी। हंटिंग नेट में ऐसे किरदार कम ही देखने को मिलते हैं। बारिश का माहौल और तनाव बहुत अच्छे से बनाया गया है। जब चाकू गले पर था तो लगा अब क्या होगा। अफसर का फैसला सही था या गलत। यह सवाल मन में बना रहता है। बहुत गहराई से बनाया गया है। कलाकारों ने जान डाल दी।
एक्शन और ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण है यह। पहले लगा कि बस एक बीमारी की कहानी है। फिर अचानक सब बदल गया। हंटिंग नेट की कहानी में यह ट्विस्ट बहुत शानदार था। चाकू पकड़े हुए व्यक्ति की आवाज में गुस्सा साफ सुनाई दे रहा था। युवती चुपचाप सब सह रही थी। फिर अंत में जो हुआ वह उम्मीद नहीं था। बारिश की बूंदें और खून का निशान बहुत असली लगा। ऐसे थ्रिलर देखने का मजा ही अलग है। हर सीन यादगार है।
अफसर का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। उसने बिना समय गंवाए सही कदम उठाया। हंटिंग नेट में ऐसे सशक्त किरदार देखकर अच्छा लगा। पीछे खड़ा दूसरा अफसर भी चुपचाप सब देख रहा था। जब गोली चली तो सब शांत हो गया। उस वृद्ध व्यक्ति की मजबूरी समझ आ रही थी। लेकिन कानून का अपना रास्ता होता है। यह शो समाज की सच्चाई भी दिखाता है। बहुत प्रभावशाली प्रदर्शन है। सबने अच्छा किया।
युवती के चेहरे के हावभाव देखने लायक थे। पहले डर फिर अजीब सी मुस्कान। क्यों मुस्कुराई वह इस बात का राज खुलना बाकी है। हंटिंग नेट में ऐसे रहस्य बहुत होते हैं। बारिश में भीगते हुए दोनों का सीन बहुत यादगार बन गया। चाकू की नोक पर जीवन और मौत का खेल चल रहा था। दर्शक के रूप में मैं बस देखता रहा। अंत तक बंधे रहना पड़ता है। यह शो बिल्कुल निराश नहीं करता। कहानी बहुत रोचक है।
कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। एक सीन से दूसरे सीन का बदलाव बहुत अचानक हुआ। बैंच वाली शांति और बारिश का शोर बिल्कुल अलग था। हंटिंग नेट ने दर्शकों को बांधे रखने का काम अच्छे से किया है। उस व्यक्ति की बीमारी ने सब कुछ बदल दिया। शायद इसलिए वह ऐसा कदम उठा रहा था। हर डायलॉग में वजन था। बैकग्राउंड म्यूजिक भी बहुत सही था। कुल मिलाकर एक बेहतरीन अनुभव रहा। सब कुछ सही था।
इस एपिसोड की समीक्षा
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