शुरू में लगा ये सिर्फ एक झगड़ा है पर फिर बुजुर्ग के आगमन ने सब बदल दिया। हंटिंग नेट ने कहानी को नया मोड़ दिया है। उस लड़के का वहां पहुंचना संयोग नहीं लग रहा था। शायद वो सब प्लान किया गया था। फोन वाला सीन बहुत अहम साबित होगा आगे। हर फ्रेम में कुछ नया छिपा है। देखने वाले को बंधे रहने पर मजबूर कर देता है। शानदार है।
डायलॉग कम थे पर एक्सप्रेशन बहुत कुछ कह गए। हंटिंग नेट में ये खामोशी सबसे बड़ा हथियार है। उस लड़के की आँखों में आँसू और गुस्सा दोनों थे। वो बुजुर्ग व्यक्ति अकेले में डरा हुआ लग रहा था। शायद दोनों के बीच कोई राज़ है जो सामने आने वाला है। माहौल इतना भारी था कि सांस लेने को जगह नहीं बच रही थी। बेहतरीन काम है। सब देखें।
अंत में जब दरवाजा खुला और वो लड़का सामने था, तो सस्पेंस अपने पीक पर था। हंटिंग नेट की राफ़्तार बहुत सही है। बुजुर्ग व्यक्ति हैरान था। शायद उसे उसकी उम्मीद नहीं थी। हाथ में बोतल देखकर लगा कि वो बात करने नहीं बल्कि भूलने आया है। कमरा पुराना और जर्जर था जो उनकी हालत को दर्शाता है। बहुत गहरा प्रभाव छोड़ा है। देखने लायक है।
उस लड़के और लड़की के बीच का रिश्ता क्या था? प्यार या नफरत? हंटिंग नेट ने इस कन्फ्यूजन को बहुत खूबसूरती से दिखाया। फोटो में वो छोटी बच्ची कौन थी? शायद यही वजह है उनके बीच की दूरी की। जब वो चली गई तो उसकी खाली कुर्सी भी बहुत कुछ कह रही थी। एक्टिंग ने जान डाल दी है इस कहानी में। हर पल दिलचस्प है।
उस मेज पर बैठे दोनों के बीच की खामोशी चीख रही थी। बिना एक शब्द बोले ही सब कुछ कह दिया गया। हंटिंग नेट ने इस तनाव को बहुत बारीकी से पकड़ा है। फोटो फ्रेम की मौजूदगी कहानी का अहम हिस्सा लग रही थी। जब वो उठी और चली गई, तो लग रहा था जैसे सब खत्म हो गया। उस लड़के की आँखों में दर्द साफ दिख रहा था। यह दृश्य दिल को छू लेने वाला था। माहौल बहुत भारी था।
टेबल पर रखा वो फोटो फ्रेम सिर्फ एक साधारण सामान नहीं था। उसमें छिपी कहानी ने पूरे माहौल को बदल दिया। हंटिंग नेट की कहानी में ये छोटी चीजें बड़ा असर डालती हैं। उस लड़के का चेहरा देखकर लग रहा था कि वो किसी बड़े सच से जूझ रहा है। लड़की का शांत रहना और फिर चले जाना बहुत रहस्यमयी था। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। दर्शक बंधे रहेंगे।
जब वो अकेला रहा तो उसका टूटना बहुत असली लगा। आँसू रोकने की कोशिश और फिर गुस्से में मुट्ठी भींचना। हंटिंग नेट में एक्टिंग बहुत लेवल की है। उस बुजुर्ग व्यक्ति का सीन अचानक आया तो कन्फ्यूजन हुआ। क्या दोनों कहानियां जुड़ी हैं? फोन पर लाइव स्ट्रीम देखकर उसकी चिंता साफ झलक रही थी। हर किरदार अपने आप में एक पहेली है। रहस्य गहरा होता जा रहा है।
पूरे कमरे में नीली रोशनी का इस्तेमाल माहौल को बहुत ठंडा और डरावना बना रहा था। हंटिंग नेट की सिनेमेटोग्राफी तारीफ के लायक है। जब वो लड़की दरवाजे से निकली तो पीछे मुड़कर जो नज़रें मिलीं, वो रोंगटे खड़े कर देने वाली थीं। उस लड़के की हालत देखकर बुरा लगा। कहानी में गहराई है जो धीरे धीरे खुल रही है। हर पल नया सस्पेंस है।
अचानक सीन बदला और एक बुजुर्ग व्यक्ति सामने आया। उसके हाथ में फोन और चेहरे पर चिंता। हंटिंग नेट ने कहानी में मोड़ बहुत अच्छे से सेट किया है। उसने फोन उठाया और किसी को कॉल किया। शायद वो उस लड़के से जुड़ा है। फिर दरवाजे पर दस्तक हुई और वही लड़का आ गया। हाथ में शराब की बोतल थी। ये मिलन खुशी का नहीं लग रहा था। कुछ गड़बड़ है।
फोन की स्क्रीन पर वो औरत कौन थी? बुजुर्ग व्यक्ति उसे घूर रहा था। हंटिंग नेट में हर बारीकी मायने रखती है। शायद यही वजह है उसकी परेशानी की। जब लड़का दरवाजे पर आया तो बुजुर्ग के चेहरे के भाव बदल गए। क्या वो पिता हैं या कोई और रिश्ता? ये सवाल दिमाग में घूम रहे हैं। एपिसोड खत्म हुआ पर सवाल बाकी हैं। जवाब मिलने का इंतज़ार है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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