अंत में जब युवती कार की ओर बढ़ी, तो लगा कहानी अभी खत्म नहीं हुई। उसके हाथ में खून के निशान थे। वह शांत थी लेकिन खतरनाक। क्या वह सबका अंत कर देगी? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। ऐसे सस्पेंस से भरे पलों के लिए ही तो हम ये शो देखते हैं। बहुत ही शानदार प्रस्तुति थी। अगला एपिसोड का इंतजार है।
माहौल इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। पुराना घर, खून के निशान, और फिर जंगल की नमी। हर जगह मौत का साया मंडरा रहा था। लाइटिंग और साउंड डिजाइन ने कहानी को और भी गहरा कर दिया। ऐसे थ्रिलर देखकर ही असली मनोरंजन मिलता है। हंटिंग नेट ने उम्मीदों पर खरा उतरा है। तकनीकी पक्ष बहुत अच्छा है। बधाई हो।
चेन यांग और चेन झी के बीच का रिश्ता खून से लिखा गया है। बीमा की पॉलिसी ने परिवार को तोड़ दिया। एक दूसरे के खिलाफ साजिश रचना कितना दर्दनाक हो सकता है, यह शो दिखाता है। हर डायलॉग और हर चुप्पी में एक कहानी छिपी है। दर्शक के रूप में हम बस तमाशबीन बनकर रह गए हैं। भावनात्मक पल बहुत गहरे हैं। दिल को छू गया।
कार की डिक्की खोलते ही असली चौंकाने वाला सच सामने आया। वहां चेन यांग बंधा हुआ था। मुंह में कपड़ा और हाथ रस्सी से बंधे थे। उसकी आंखों में चीख थी लेकिन आवाज नहीं। युवती ने उसे ऐसे देखा जैसे वह कोई वस्तु हो। यह ट्विस्ट देखकर दिमाग सुन्न हो गया। हंटिंग नेट में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं। बहुत ही रोमांचक है। पसंद आया।
खून से सना कमरा देखकर चेन यांग की हालत खराब हो गई। दीवारों पर पुराने निशान और फर्श पर लाल धब्बे किसी खूनी खेल की गवाही दे रहे थे। उसने कांपते हाथों से फोन उठाया, शायद मदद मांगने के लिए। लेकिन कहानी में ऐसा मोड़ आया कि सांस रुक जाए। हंटिंग नेट का यह एपिसोड दिल दहला देने वाला है। हर कोने पर संदेह का साया है। दर्शक के रूप में हम भी उस कमरे में खड़े होकर डर महसूस कर रहे थे। यह दृश्य बहुत ही प्रभावशाली था। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई।
बीमा कागजात देखकर सच्चाई सामने आई। चेन झी के नाम पर धोखाधड़ी का खेल रचा गया था। कागजातों पर तारीख और दस्तखत सब कुछ बता रहे थे कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। चेन यांग की आंखों में डर साफ झलक रहा था। क्या वह शिकारी है या शिकार? इस शो में हर किरदार की परतें हैं। हमें हर पल नया संदेह होता है। कहानी की गहराई देखकर हैरानी हुई। प्लॉट बहुत मजबूत है। यह देखने लायक है।
फोन पर मैसेज पढ़ते ही चेन यांग के होश उड़ गए। भाई ने ही भाई को मारने की योजना बनाई थी। बीमा की रकम के लिए खून बहाया गया। यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। स्क्रीन पर दिखा हर शब्द जैसे दिल पर वार कर रहा हो। ऐसे पल देखकर लगता है कि इंसानियत कहीं खो गई है। लालच ने रिश्तों को खत्म कर दिया। यह कहानी बहुत गहरी है। दिल पर असर हुआ।
जंगल का वो दृश्य बहुत रहस्यमयी था। युवती ने कीचड़ में लेटे शव को देखा। उसके चेहरे पर कोई डर नहीं, बस एक अजीब सी शांति थी। उसने पेंडेंट पहनाया और फिर कुछ ऐसा किया जिससे रोंगटे खड़े हो जाएं। हंटिंग नेट की कहानी में यह महिला कौन है? क्या वह बदला ले रही है या सबूत मिटा रही है? उसके इरादे साफ नहीं हैं। यह रहस्य बना हुआ है। बहुत अच्छा लगा।
सुई से लाल तरल निकालकर उसने कीड़ों को बुलाया। हजारों सेंटीपीड्स शव पर रेंगने लगे। यह दृश्य देखना आसान नहीं था। मृतक के चेहरे पर कीड़े और खून का मंजर किसी बुरे सपने जैसा था। प्रकृति का यह क्रूर रूप दिखाकर निर्देशक ने कमाल कर दिया। डर का ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ। विजुअल्स बहुत शानदार थे। तकनीकी पक्ष अच्छा है।
शव को दलदल में धकेलने का तरीका बहुत ठंडा था। युवती ने बिना किसी हिचकिचाहट के लाश को पानी में गिरा दिया। चारों तरफ कोहरा और सन्नाटा था। ऐसा लग रहा था कि जंगल भी इस राज को निगल गया है। पानी में डूबते हुए शव ने कहानी को एक नया मोड़ दे दिया। अब सवाल यह है कि असली अपराधी कौन है? कहानी में उलझन बढ़ गई है। मजा आ गया।
इस एपिसोड की समीक्षा
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