पूरी लघु फिल्म ने मुझे झकझोर कर रख दिया है पूरी तरह। रहस्य, मारधाड़ और त्रासदी सब कुछ है इसमें। छाते वाला दृश्य तो बहुत ही यादगार लग रहा है। हंटिंग नेट पर ऐसी सामग्री देखकर बहुत अच्छा लगता है। मैं इसे सभी को सुझाव दूंगा। जरूर देखें। मिस नहीं करें।
जब बुजुर्ग दंपत्ति ने उस लड़की को संभाला, तो लगा परिवार का दर्द भी उतना ही है। सिर्फ मुख्य किरदार नहीं, सबके चेहरे पर गम था। हंटिंग नेट में परिवार के भावनाओं को भी अच्छे से दिखाया गया है। ये कहानी को बहुत गहराई देता है। मुझे अच्छा लगा। यथार्थवादी है।
लाश को नदी में फेंकने वाला दृश्य बहुत क्रूर और डरावना था। चांदनी रात में वो पानी की लहरें देखकर बहुत अजीब लगा। कातिलों में कोई रहम नहीं है बिल्कुल भी। हंटिंग नेट में अपराध को बहुत वास्तविक रूप से दिखाया गया है। ये बच्चों के लिए नहीं हो सकता है। सावधान रहें।
नेहा शर्मा का किरदार सिर्फ एक शिकार नहीं है बिल्कुल भी। उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। जब वो चीखी तो लगा वो हार नहीं मानेगी कभी। हंटिंग नेट में महिला किरदारों को बहुत ताकतवर दिखाया गया है। ये बहुत सराहनीय बात है मेरे लिए। अच्छा लगा। सच्ची लगती है।
बारिश में वो काली पोशाक वाली महिला बहुत रहस्यमयी और खतरनाक लग रही थी। उस बूढ़े आदमी से उसकी मुलाकात देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे। ऐसा लग रहा था कि दोनों के बीच कोई बहुत पुरानी और खूनी दुश्मनी है। हंटिंग नेट ने शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण कर दी है कि सांस रुक जाए। अभिनय बहुत ही दमदार लगा मुझे और माहौल भी बहुत गहरा था। मुझे निजी तौर पर ये बहुत पसंद आया।
रात के अंधेरे में अकेले चलना कितना खतरनाक हो सकता है, यह दृश्य बहुत अच्छे से दिखाता है। नेहा शर्मा का डर बहुत असली लगा जब वो अचानक उठी थी। नकाब वाले आदमी ने जैसे ही वार किया, मेरा दिल रुक सा गया था। हंटिंग नेट में ऐसे दृश्य देखकर बिल्कुल भी आराम नहीं हो पाता है। रहस्य बना हुआ है और डर लगता है। ये बहुत अच्छा है।
अंत में जब उसने सफेद कपड़े में लिपटी लाश को देखा, तो मैं भी रो पड़ा था। उसकी चीख और आंसू किसी के भी दिल को पिघला देंगे आसानी से। अन्वी शर्मा की बहन का दर्द बहुत गहरा और असली था। हंटिंग नेट ने भावनात्मक दृश्य को बहुत खूबसूरती से चित्रित किया है यहाँ। ये दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा। मुझे बहुत दुख हुआ।
वो बूढ़ा आदमी जिसके हाथ में तलवार थी, उसकी आंखें बहुत डरावनी लग रही थीं। बारिश में खड़ा होकर वो क्या सोच रहा था, ये कोई नहीं जानता अभी। क्या वो ही सबका मुख्य साजिशकर्ता है और खेल खेल रहा है? हंटिंग नेट में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत लिखा गया है। हर चेहरे के भाव मायने रखता है। ये शानदार है।
कहानी की रफ्तार बहुत तेज है लेकिन समझने में बहुत आसान है। नदी किनारे से लेकर कमरे की लड़ाई तक सब कुछ जुड़ा हुआ है। हर दृश्य परिवर्तन के साथ नया सवाल खड़ा होता है दिमाग में। हंटिंग नेट की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है मुझे। मुझे अगला भाग देखने की बहुत जल्दी है। ये बढ़िया है।
छायांकन का जादू हर दृश्य में साफ दिख रहा था। बारिश की बूंदें और चांदनी रात का नज़ारा बहुत सुंदर था। लेकिन कहानी इतनी खूनी है कि विरोधाभास लगता है। हंटिंग नेट की दृश्य गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। देखने में बहुत शानदार अनुभव आता है। मुझे पसंद आया। बहुत प्रभावशाली है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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