कुल मिलाकर यह एक सस्पेंस से भरी कहानी है जो अंत तक बांधे रखती है। जंगल से लेकर पुलिस स्टेशन तक का सफर बहुत रोमांचक है। हंटिंग नेट ने थ्रिलर शैली में नया मानक स्थापित किया है। हर एपिसोड में नया खुलासा होता है। दर्शकों के लिए यह एक बेहतरीन अनुभव है। बिल्कुल नहीं चूकना चाहिए इसे।
पुलिस स्टेशन का सीन जहां दोनों अधिकारी बात कर रहे हैं वहां तनाव साफ झलकता है। कागजात के आधार पर सब कुछ बदल सकता है। हंटिंग नेट में जांच का हर पहलू दिलचस्प है। वृद्ध व्यक्ति का रोना देखकर लगता है कि उसे पछतावा है। क्या वह भी इस साजिश का हिस्सा था। सवाल बहुत हैं और जवाब कम हैं।
जब वह व्यक्ति दरवाजा खोलकर बाहर जाता है तो लगता है वह भाग रहा है या किसी से मिलने जा रहा है। खून साफ करना उसकी गलती को छुपाने की कोशिश थी। हंटिंग नेट ने अपराध के बाद के मनोविज्ञान को अच्छे से दिखाया। कमरे का माहौल बहुत ही उदास और डरावना था। हर आवाज शक पैदा करती है। अंधेरा भी एक किरदार सा लगता है।
फोरेंसिक रिपोर्ट में नाम आर्यन मेहता आते ही कहानी में नई जान आ जाती है। पुलिस की जांच पद्धति को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। हंटिंग नेट जैसे शो में सबूतों का खेल ही मुख्य होता है। हड्डियों पर कीड़े देखकर घृणा और डर दोनों लगता है। सच्चाई सामने आने में समय लगता है। धैर्य के साथ सब खुलता है।
शुरुआत ही से रोंगटे खड़े कर देने वाला सीन है जब ट्रंक में बंधा हुआ व्यक्ति दिखाई देता है। मुख्य किरदार के चेहरे पर अजीब सी मुस्कान देखकर लगता है कि कुछ गड़बड़ जरूर है। हंटिंग नेट ने इस थ्रिलर को बहुत गहराई से दिखाया है। हर फ्रेम में सस्पेंस बना हुआ है और दर्शक को अंत तक बांधे रखता है। सच्चाई क्या है यह जानने के लिए पूरा देखना पड़ेगा। बहुत ही लाजवाब प्रस्तुति है।
दस दिन बाद की छलांग बहुत ही प्रभावशाली ढंग से दिखाई गई है। कीचड़ में पड़ी हड्डियां और जांच अधिकारियों की जांच देखकर कहानी में नया मोड़ आता है। हंटिंग नेट की कहानी में हर छोटे विवरण का महत्व है। पेंडेंट मिलना एक बड़ा सुराग साबित होता है। माहौल इतना डरावना है कि सांस रुक सी जाती है। जंगल का दृश्य बहुत ही खूबसूरत और डरावना है।
वृद्ध व्यक्ति का दर्द देखकर दिल दहल जाता है जब वह पुलिस स्टेशन में रोता है। उसे पहले ही सब पता था शायद, इसलिए वह खून साफ कर रहा था। हंटिंग नेट ने भावनात्मक पक्ष को भी बहुत अच्छे से उकेरा है। अभिनय इतना असली लगता है कि आंखें नम हो जाती हैं। यह सिर्फ एक अपराध कहानी नहीं है। रिश्तों की टूटन भी दिखाई गई है।
जंगल का वो दृश्य जहां कोहरा छाया हुआ है और लाश मिलती है, सिनेमेटोग्राफी कमाल की है। हंटिंग नेट में ऐसे विजुअल्स कहानी को और भी मजबूत बनाते हैं। जांच अधिकारियों के बीच की बातचीत से लगता है कि मामला गंभीर है। हर किरदार के अपने राज हैं जो धीरे धीरे खुलते हैं। देखने वाले को हर पल कुछ नया मिलता है।
बीमा के कागजात देखकर ही शक पैदा हो जाता है कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। पैसे के लिए जान लेना कितना खौफनाक हो सकता है यह शो दिखाता है। हंटिंग नेट की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है और हर मोड़ पर चौंकाती है। वृद्ध व्यक्ति की घबराहट साफ दिख रही थी। सब कुछ योजना के अनुसार नहीं हुआ। लालच इंसान को कहां ले जाता है।
मुख्य किरदार की दोहरी छवि बहुत ही रहस्यमयी लगती है जब वह कार चलाती है। क्या वह शिकार है या शिकारी यह समझना मुश्किल है। हंटिंग नेट में किरदारों की परतें बहुत गहरी हैं। उसकी मुस्कान के पीछे का दर्द या मकसद क्या है यह जानना जरूरी है। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं। हर पल नया सवाल खड़ा होता है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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