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Hunting Net

Nagpur mein rape cases badh rahe hain. Anchor Anvi Old Apartments mein rehti hai. Landlord camera laga kar use dekhta hai. Rapist uske bed ke neeche chhup jaata hai. Rapist galti se almirah mein ghus jaata hai, aur wahan usse teen saal pehli gayab hui Neha ki dead body milti hai — Cling Wrap mein lipti hui. Anvi pe ilzaam lagta hai, lekin police use suspect nahi karti. Mehta brothers gayab ho jaate hain. Police ab ussi room ki har cheez check karti hai. Kaun hai asli killer? Kya rapist wohi hai?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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पुलिस की रेस

पुलिस की वर्दी में सब बहुत गंभीर लग रहे थे। रास्ते में बातचीत बहुत जरूरी लग रही थी। शहर की सड़कों पर गाड़ी तेज जा रही थी। हंटिंग नेट की रफ्तार अब बढ़ने वाली है। हर अधिकारी अपने काम में लगा हुआ था। बाहर का माहौल शांत था पर अंदर तूफान था। यह पीछा कब तक चलेगा कोई नहीं जानता। मंजिल अभी बाकी है।

बिजली की चाल

बिजली के बॉक्स में छेड़छाड़ करके उसने अंधेरा किया। स्क्रूड्राइवर चलाने का तरीका बहुत सटीक था। पूरा घर अचानक अंधेरे में डूब गया। हंटिंग नेट में ऐसे छोटे विवरण बहुत मायने रखते हैं। अंधेरे में ही असली खेल शुरू होता है। तारों की व्यवस्था बहुत पुरानी लग रही थी। यह योजना पहले से बनाई गई लगती है। कोई शक नहीं बचा था।

दरवाजे पर दस्तक

दरवाजे के पीछे खड़ी वह शख्सियत किसी साये से कम नहीं थी। रोशनी सीधे उसके चेहरे पर पड़ रही थी। सामने वाले की घबराहट साफ दिख रही थी। हंटिंग नेट में यह आमना-सामना बहुत तनावपूर्ण है। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। लगता था वह सब कुछ जानती है। यह मुकाबला बहुत लंबा खिंचने वाला है। सांसें रुक सी गई थीं।

कमरे का राज

रात के अंधेरे में कमरे का नज़ारा बहुत रहस्यमयी था। बिस्तर पर खिलौने पड़े थे पर कोई नहीं था। खिड़की से बाहर बारिश हो रही थी। हंटिंग नेट की सजावट बहुत ही लाजवाब है। हर चीज अपनी जगह पर थी पर कुछ गड़बड़ लग रहा था। सन्नाटा इतना गहरा था कि सांसें सुनाई दे रही थीं। यह माहौल दर्शक को बांधे रखता है। दीवारों पर पुरानी तस्वीरें थीं।

खूनी सफाई का डर

खूनी सफाई का दृश्य बहुत डरावना था। प्लास्टिक शीट पर खून देखकर रोंगटे खड़े हो गए। मुख्य किरदार की ठंडक गजब की है। हंटिंग नेट में ऐसे सीन कम ही देखने को मिलते हैं। कैमरा एंगल ने माहौल को और भी गहरा बना दिया। रात के सन्नाटे में यह सफाई किसी पहेली से कम नहीं लगती। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया।

पुलिस की गंभीरता

पुलिस वाली गाड़ी में बातचीत बहुत गंभीर लग रही थी। सबके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। लगता है कोई बड़ी वारदात हो चुकी है। हंटिंग नेट की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होगा। चालक की आंखों में सवाल थे। पीछे बैठे अधिकारी चुप थे। यह खामोशी शोर मचा रही थी। रास्ते के किनारे पेड़ तेजी से पीछे छूट रहे थे। सबको मंजिल का पता था।

रसोई का खौफ

रसोई में खाना बनाते हुए वह व्यक्ति अचानक रुक गया। आवाज सुनकर उसकी हालत खराब हो गई। दरवाजे पर खड़ी छाया ने सब बदल दिया। हंटिंग नेट का यह अंत बहुत दमदार है। उसकी सांसें तेज हो गई थीं। डर का माहौल पूरी तरह से बन चुका था। अंत क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई। पसीना उसके माथे पर साफ दिख रहा था।

सूटकेस और फरार

सूटकेस लेकर अंधेरी गलियारे से निकलना बहुत रहस्यमयी था। पहियों की आवाज सन्नाटे में गूंज रही थी। वह भागना चाहती थी या किसी से मिलने जा रही थी। हंटिंग नेट में यह फरार होने का सीन बहुत यादगार है। दीवारें पुरानी और डरावनी लग रही थीं। रोशनी बस एक बल्ब की थी। हर कदम पर खतरा महसूस हो रहा था। कोई पीछे तो नहीं है।

चाकू और अंधेरा

चाकू पकड़ने का तरीका बहुत पेशेवर लग रहा था। उसकी आंखों में कोई पछतावा नहीं था। बिजली काटकर उसने सब अंधेरे में कर दिया। हंटिंग नेट में ऐसे मनोवैज्ञानिक गेम देखने को मिलते हैं। उंगलियां कसकर हथियार पकड़े हुए थीं। चेहरे पर कोई भाव नहीं था। यह ठंडा खून किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। रात का अंधेरा उसका साथ दे रहा था।

बिल्ली और खून

बिल्ली के साथ प्यार वाला सीन बहुत विरोधाभासी था। एक तरफ कोमलता और दूसरी तरफ खून की सफाई। इस किरदार की दोहरी छवि बहुत दिलचस्प है। हंटिंग नेट ने किरदार की गहराई को अच्छे से दिखाया। पालतू जानवर की मासूमियत और इंसान की क्रूरता का अंतर साफ था। यह विरोधाभास कहानी को और भी जटिल बनाता है। दर्शक हैरान हो जाता है।

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