उस आदमी का चेहरा देखकर लगता है जैसे उसने कभी सोचा भी न हो कि ये सब होगा। बिना पते की माफ़ी में उसकी आंखों में डर और शर्म दोनों झलक रहे हैं। जब वो कार्ड लेता है, तो उसके हाथ कांप रहे हैं। ये पल इतना भारी है कि दर्शक भी सांस रोके देख रहे हैं।
सबसे दिल दहला देने वाला पल वो था जब बच्ची अपनी मां के पास खड़ी थी और ये सब देख रही थी। बिना पते की माफ़ी में ये दृश्य बताता है कि वयस्कों के झगड़े बच्चों पर कितना असर डालते हैं। उस छोटी सी बच्ची की आंखों में सवाल थे जो किसी ने नहीं पूछे।
जब वो औरत जिसने सुनहरी रिबन वाली ड्रेस पहनी थी, उसने ये सब देखा, तो उसके चेहरे पर हैरानी और गुस्सा दोनों थे। बिना पते की माफ़ी में उसका रिएक्शन बताता है कि वो इस सबके पीछे की सच्चाई जानती है। उसकी आंखें सब कुछ कह रही थीं।
पूरे कमरे में एक अजीब सी खामोशी थी। बिना पते की माफ़ी में ये दृश्य इतना तनावपूर्ण है कि लगता है जैसे कोई भी गलत हिले तो सब टूट जाएगा। फूलों और खिलौनों के बीच ये झगड़ा और भी दर्दनाक लग रहा था। ये माहौल दर्शकों को भी बेचैन कर देता है।
उस औरत ने जो काली ड्रेस पहनी थी, उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। बिना पते की माफ़ी में वो सिर्फ एक कार्ड नहीं दिखा रही थी, बल्कि अपनी पूरी जिंदगी की लड़ाई दिखा रही थी। उसका हर शब्द और हर हावभाव दर्द से भरा हुआ था।