जब वह आदमी स्कूल गेट पर आया और गार्ड से झगड़ा करने लगा, तो लगा कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। माँ का घबराया हुआ चेहरा और बेटी का डरा हुआ चेहरा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बिना पते की माफ़ी का जिक्र करते ही सब कुछ बदल गया।
बेटी का टेडी बियर पकड़े हुए बैठना और फिर स्कूल यूनिफॉर्म में बॉल खेलना, यह कंट्रास्ट बहुत प्यारा लगा। लेकिन जब पापा आए और गार्ड से लड़ने लगे, तो बेटी की मासूमियत टूट गई। बिना पते की माफ़ी का सीन देखकर लगा कि बच्चों पर क्या असर पड़ता है।
पापा का गुस्सा और गार्ड से झगड़ा करना, यह सीन बहुत इंटेंस था। लगता है कि परिवार में कुछ गड़बड़ है जो बाहर आ रहा है। माँ का बीच में आना और दूसरी औरत का आना, यह सब मिलकर एक बड़ा ड्रामा बना रहा है। बिना पते की माफ़ी का जिक्र करते ही सब कुछ बदल गया।
जब सफेद सूट वाली औरत आई, तो लगा कि कहानी में नया ट्विस्ट आ गया है। पापा का उससे बात करना और माँ का घबरा जाना, यह सब देखकर लगा कि यह परिवार टूटने वाला है। बिना पते की माफ़ी का सीन देखकर लगा कि सब कुछ खत्म हो गया।
माँ का बेटी को संभालना और फिर पापा के झगड़े में बीच में आना, यह सब देखकर लगा कि माँ कितना संघर्ष कर रही है। बिना पते की माफ़ी का जिक्र करते ही माँ का चेहरा बदल गया। यह सीन बहुत इमोशनल था।