उस फोन कॉल के बाद सब कुछ पलट गया। स्कूल के गेट पर खड़े थे, फिर अचानक कब्रिस्तान। बारिश में छाता लेकर खड़ी वो औरत... उसकी आंखों में कुछ छिपा था। बिना पते की माफ़ी का ये ट्विस्ट दिल दहला देने वाला है। कौन है वो? क्यों आई?
बारिश की बूंदें, कब्रिस्तान की शांति और वो रहस्यमयी औरत... सब कुछ इतना फिल्मी लगा। बिना पते की माफ़ी का ये सीन देखकर लगता है जैसे कोई पुरानी कहानी दोबारा जी उठी हो। उसकी आंखों में दर्द था या गुस्सा? समझ नहीं आ रहा।
काली ड्रेस, सफेद कॉलर, पर्ल बेल्ट और सनग्लासेस... वो औरत इतनी स्टाइलिश क्यों थी कब्रिस्तान में? बिना पते की माफ़ी का ये डिटेल बहुत गहरा है। शायद वो किसी की याद में आई थी, या फिर किसी से मिलने। हर चीज में कुछ न कुछ छिपा है।
पहले स्कूल के गेट पर खड़े थे, फिर अचानक कब्रिस्तान। ये जर्नी इतनी तेज थी कि सांस लेने का मौका नहीं मिला। बिना पते की माफ़ी का ये ट्रांजिशन बहुत स्मार्ट है। बारिश में छाता लेकर खड़ी वो औरत... सब कुछ बदल गई।
उस औरत की आंखों में कुछ ऐसा था जो दिल को छू गया। सनग्लासेस के पीछे भी दर्द दिख रहा था। बिना पते की माफ़ी का ये इमोशनल मोड़ बहुत गहरा है। शायद वो किसी की याद में आई थी, या फिर किसी से माफ़ी मांगने।