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बिना पते की माफ़ीवां8एपिसोड

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बिना पते की माफ़ी

अमीर बेटी आरोही ने छिपाकर अमन से शादी की। बेटी नैना के जन्मदिन पर उसका और अमन की पुरानी प्रेमिका की बेटी का अपहरण हुआ। अमन ने पहले दूसरी बच्ची को बचाया, फिर प्रेमिका के कहने पर नैना को छोड़कर चला गया। नैना नीचे गिर गई। आरोही ने बार-बार बताया, पर अमन को यकीन नहीं हुआ। जन्मदिन की पार्टी में उसने नैना को देखा – उसकी बेटी नहीं, उसका बदन था।
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इस एपिसोड की समीक्षा

मां का प्यार अटूट

सुमन का किरदार इतना प्रभावशाली है कि हर मां खुद को उसमें देख सकती है। जब वह अपनी बेटी के पास जाती है और उसे सहारा देती है, तो लगता है जैसे वह पूरी दुनिया से लड़ जाएगी। बिना पते की माफ़ी की कहानी में यह रिश्ता सबसे मजबूत कड़ी है। उसकी आवाज में जो कंपन था, वह दिल को छू गया।

पिता का दर्द

श्री सिंह का वह पल जब वे अपनी बेटी को देखकर रो पड़ते हैं, वह किसी भी पिता का दिल तोड़ देगा। उनकी आंखों में बेबसी और गुस्सा दोनों था। बिना पते की माफ़ी में यह दृश्य सबसे भारी था। एक पिता की मजबूरी और टूटन को इतनी बारीकी से दिखाना आसान नहीं, पर अभिनेता ने कमाल कर दिया।

आंसुओं की बारिश

पूरा एपिसोड आंसुओं से भरा हुआ था। जब वह लड़की बिस्तर पर लेटी थी और उसके माता-पिता उसे देख रहे थे, तो माहौल इतना भारी हो गया था कि सांस लेना मुश्किल लग रहा था। बिना पते की माफ़ी की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि परिवार ही सबसे बड़ी ताकत है। हर डायलॉग दिल पर वार करता है।

खामोश चीखें

कभी-कभी शब्दों की जरूरत नहीं होती, बस चेहरे के भाव काफी होते हैं। इस वीडियो में सभी किरदारों की खामोशी उनकी चीखों से ज्यादा शोर मचा रही थी। बिना पते की माफ़ी में यह खामोशी सबसे तेज आवाज थी। सुमन और श्री सिंह की आंखों में जो दर्द था, वह हजारों शब्दों से ज्यादा बयां कर रहा था।

उम्मीद की किरण

इतने दुख के बीच भी जब वह छोटी बच्ची मुस्कुराती है और अपने पिता से बात करती है, तो लगता है कि सब ठीक हो जाएगा। बिना पते की माफ़ी में यह उम्मीद का पल सबसे कीमती था। बच्चे की मासूमियत और उसका भरोसा हर दर्द को भुला देता है। यह दृश्य देखकर मन हल्का हो गया।

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