हरे सूट वाला शख्स बहुत ही स्टाइलिश लग रहा था। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। जब वो चांदी वाली ड्रेस वाली के पास गया तो उसकी मुस्कान और भी गहरी हो गई। बिना पते की माफ़ी के बाद वो शांत खड़ा था, मानो वो सब कुछ जानता हो।
जब हरे सूट वाला दरवाज़े के पास खड़ा हुआ तो लग रहा था कि वो किसी का इंतज़ार कर रहा है। उसकी नज़रें दरवाज़े पर टिकी थीं। बिना पते की माफ़ी के बाद वो अंदर गया और चांदी वाली ड्रेस वाली से बात करने लगा। ये सीन बहुत ही ड्रामेटिक था।
हॉल में खड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं बहुत ही दिलचस्प थीं। कुछ हैरान थे, कुछ डरे हुए, तो कुछ मज़े ले रहे थे। बिना पते की माफ़ी के बाद सबकी नज़रें उस झगड़े पर टिकी थीं। ये सीन दिखाता है कि लोग ऐसे हालात में कैसे रिएक्ट करते हैं।
जब काले सूट वाला चिल्लाया और लाल ड्रेस वाली रोने लगी तो ये सीन इमोशनल क्लाइमेक्स बन गया। बिना पते की माफ़ी के बाद सब कुछ शांत हो गया, पर उस शांति में एक अजीब सा तनाव था। ये सीन दिल को छू गया और आंखें नम हो गईं।
जब काले सूट वाला शख्स चिल्लाया तो पूरा हॉल सन्न रह गया। उसकी आवाज़ में इतना दर्द था कि लग रहा था जैसे दिल टूट गया हो। बिना पते की माफ़ी वाले सीन में उसकी नज़रें लाल ड्रेस वाली पर टिकी थीं, मानो वो कुछ कहना चाहता हो पर बोल नहीं पा रहा। इमोशनल ड्रामा का ये सीन दिल को छू गया।