तनु शेट्टी का किरदार सबसे ज्यादा घृणित लगा। अपनी ही बहन के पति के साथ वो नज़दीकियां। और तारा का चुपचाप सब सहना। रूप का धोखा में दिखाया गया है कैसे खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं। वो शीशे में अपना चेहरा देखती है, पर असली चेहरा तो तनु का है।
डॉक्टर का वो चेहरा जब उसने तारा से कहा कि सब ठीक हो जाएगा, पर असल में वो झूठ बोल रहा था। रूप का धोखा में मेडिकल थ्रिलर का भी तड़का है। तारा का जलना, फिर नया चेहरा पाना... ये सब इतनी तेजी से हुआ कि सांस रुक गई।
वो छोटा बच्चा जब तारा को टेडी बियर देता है, और वो गिर पड़ती है... उस पल लगा जैसे दुनिया भर का बोझ उसके कंधों पर आ गया। रूप का धोखा में हर छोटी चीज़ बड़ी कहानी कहती है। तारा की मासूमियत अभी भी बाकी है, भले ही चेहरा बदल गया हो।
आरती शर्मा जैसे दोस्त मिले तो जिंदगी आसान हो जाए। तारा के सबसे बुरे वक्त में वो उसके साथ खड़ी रही। रूप का धोखा में दोस्ती की परिभाषा नई लगती है। जब सबने पीठ दिखाई, आरती ने हाथ थामा। ऐसे रिश्ते ही असली होते हैं।
अर्जुन राठौर का किरदार देखकर गुस्सा आता है। तारा के जलने के बाद भी वो तनु के साथ मस्ती कर रहा था। रूप का धोखा में प्यार की असली परीक्षा होती है। वो शराब पी रहा था, जब तारा अस्पताल में तड़प रही थी। कैसा इंसान है ये।