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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां6एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

रहस्य और रोमांस का संगम

शुरू में ही रहस्य का खुलासा होता है जब वह चमकती सुई पकड़े हुए है। अस्पताल का दृश्य बहुत भावुक था, गुरुभाई की मौत ने बदले की आग लगा दी। फिर अचानक रोमांस की एंट्री होती है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह ट्विस्ट बहुत अच्छा लगा। सफेद सूट वाली महिला का प्रस्ताव हैरान करने वाला था। क्या वह सच्चे प्यार में बदल जाएगा? यह देखने लायक है।

बदले की आग और नया अनुबंध

कैमोफ्लाज जैकेट वाला व्यक्ति अपने दोस्त की मौत से टूट जाता है। वह वादा करता है कि बदला लेगा। लेकिन कहानी में मोड़ आता है जब उसे एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने को कहा जाता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह संघर्ष दिलचस्प है। बिना पढ़े साइन करना उसकी मजबूरी दिखाता है। अंत में उसकी बातें रोमांटिक हो जाती हैं।

सौदेबाजी वाला प्यार

सफेद सूट वाली महिला बहुत व्यवस्थित लगती है। उसे अपने माता-पिता के लिए झूठ बोलना पड़ रहा है। तीन महीने का अनुबंध और दस लाख का कार्ड ऑफर करना आम बात नहीं है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह सौदेबाजी वाला प्यार देखने में अच्छा लगता है। पुरुष किरदार का जवाब भी बहुत सटीक था। क्या वे सच में पास आएंगे?

तेज रफ्तार कहानी

अस्पताल का दृश्य बहुत तीव्र था। सुई का जिक्र और दिमाग तक पहुंचना खतरनाक लगता है। फिर वही व्यक्ति अब एक लग्जरी कमरे में है। कहानी में यह बदलाव बहुत तेज है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन और रोमांस का मिश्रण सही है। उसने कॉन्ट्रैक्ट देखे बिना ही साइन कर दिया। यह उसकी बेपरवाही या मजबूरी थी?

फ्लर्टी अंत और आत्मविश्वास

अंत का दृश्य बहुत ही फ्लर्टी था। जब उसने कहा कि अगर प्यार हो गया तो पत्नी बन जाना, तो माहौल बदल गया। महिला हैरान रह गई। यह डायलॉग डिलीवरी शानदार थी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे पल दर्शकों को बांधे रखते हैं। भूरे जैकेट वाले का आत्मविश्वास देखने लायक है। क्या यह नाटक सच्चाई में बदलेगा?

भावनात्मक गहराई

कहानी की शुरुआत ही रहस्यमयी अंदाज में होती है। चमकती हुई वस्तु और फिर अस्पताल का दृश्य। गुरुभाई का दर्दनाक अंत देखकर बुरा लगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनात्मक गहराई है। फिर अचानक शादी का प्रस्ताव आता है। यह विरोधाभास कहानी को आगे बढ़ाता है। दोनों किरदारों के बीच की केमिस्ट्री गजब की है।

पैसे बनाम प्यार

महिला का किरदार बहुत प्रैक्टिकल है। उसे लगता है कि पैसों से सब कुछ हल हो जाएगा। लेकिन प्यार तो दिल से होता है। भूरे जैकेट वाले ने चुनौती स्वीकार कर ली। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह जुगलबंदी देखने में मजेदार है। उसने पूछा भी नहीं कि शर्तें क्या हैं। बस साइन कर दिया। यह जोखिम क्यों लिया?

एक्शन से रोमांस तक

बदले की कहानी अक्सर उदास होती है, लेकिन यहां रोमांस की एंट्री होती है। अस्पताल से सीधा लग्जरी रूम तक का सफर तेज है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की रफ्तार बहुत अच्छी है। महिला ने काला कार्ड दिया और शर्त रखी। पुरुष किरदार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। यह आत्मविश्वास क्यों है? क्या उसे कुछ पता है?

डबिंग का जादू

डायलॉग्स बहुत असरदार हैं। गुरुभाई की आखिरी बातें और फिर नए किरदार की बातचीत। हिंदी डबिंग में भावनाएं साफ झलकती हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में आवाज का जादू है। महिला ने कहा कि वह बुजुर्गों की इच्छा पूरी करना चाहती है। यह सम्मानजनक कारण है। लेकिन क्या यह नाटक सफल होगा?

क्लिफहैंगर अंत

तीन महीने का समय तय किया गया है। इसमें क्या-क्या होगा यह देखना बाकी है। अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद माहौल बदल गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का अंत बहुत क्लिफहैंगर है। उसने झुककर जो कहा उसने सबका ध्यान खींच लिया। क्या यह सच्चा प्यार है या सिर्फ खेल? दर्शक हैरान हैं।