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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां21एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कमरे की अजीब खामोशी

जब जॉया और सूरज को सजाए कमरे में छोड़ा गया, तो हवा में तनाव साफ दिख रहा था। लाल गुब्बारे और खुशियों के निशान बीच यह अजीब खामोशी बहुत कुछ कह रही है। सूरज का जमीन पर सोने का प्रस्ताव और जॉया का इनकार, दोनों के बीच की दूरी को बता रहा है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह सीन बहुत गहरा है।

गुड़िया की दीवार

जॉया ने बिस्तर पर सफेद गुड़िया रखकर जो सीमा बनाई, वह सिर्फ कपड़े की गुड़िया नहीं बल्कि उनके रिश्ते की अभी की हकीकत है। सूरज ने वादा किया कि वह हिलेगा नहीं, पर क्या वाकई वह इतना शांत रहेगा? माता-पिता की उम्मीदें और बच्चों की मजबूरी का टकराव देखने लायक है।

दरवाजे के पीछे की चिंता

बाहर खड़े माता-पिता की बातचीत से साफ है कि वे अपनी बेटी जॉया को लेकर कितने चिंतित हैं। पिता का सूरज पर भरोसा और माँ का शक, हर परिवार की कहानी लगता है। कंपनी और बेटी दोनों सौंपने की बात ने जिम्मेदारी को बहुत बढ़ा दिया है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह मोड़ अहम है।

सूरज का वादा

सूरज ने कहा कि वह सोते हुए हिलता नहीं है, यह उसकी ईमानदारी है या सिर्फ बातें? जॉया की आँखों में संदेह साफ झलक रहा था। एक ही बिस्तर पर दो अजनबी जैसे लोग, यह स्थिति किसी को भी बेचैन कर दे। देखना होगा कि सुबह तक यह सीमा बनी रहती है या नहीं।

माँ का शक

माँ को लग रहा है कि कुछ आवाज़ क्यों नहीं आ रही, यह सोचकर कि वे अलग सो रहे हैं। पिता ने डांटा कि शर्म नहीं आती सुनने में। यह संवाद बहुत ही असली लगता है। जॉया उनकी इकलौती बेटी है, इसलिए चिंता जायज है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनाएं अच्छे हैं।

कंपनी और रिश्ता

पिता ने साफ कह दिया कि जॉया और कंपनी दोनों सूरज को सौंपकर वे चैन से रह सकेंगे। यह दिखाता है कि सूरज पर उनका भरोसा कितना गहरा है। पर क्या जॉया तैयार है इस भरोसे के लिए? बिस्तर पर बैठी जॉया की चुप्पी सब बता रही है। यह भरोसा टूटना नहीं चाहिए।

सजावट बनाम हकीकत

कमरे की सजावट शादी जैसी है, पर अंदर का माहौल बिल्कुल अलग है। लाल गुब्बारे और फूलों के बीच दो लोग एक दूसरे से दूर बैठे हैं। यह विरोधाभास बहुत दिलचस्प है। जॉया का सफेद गुड़िया पकड़ना उसकी सुरक्षा की चाहत को दर्शाता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का यह सीन यादगार है।

जॉया का डर

जॉया ने पूछा कि कहीं वह मेरे साथ कुछ तो नहीं करेगा, यह डर हर लड़की की स्थिति में हो सकता है। नए रिश्ते में यह अनिश्चितता स्वाभाविक है। सूरज का तुरंत सो जाना या सोने का नाटक करना, दोनों ही स्थितियों में तनाव बनी रहती है। बहुत ही बारीकी से पकड़ा गया सीन है।

पिता का भरोसा

पिता ने कहा कि सूरज अच्छा लड़का है और काबिल भी है। माँ को समझाया कि शर्ति काकी ने नहीं बताया होता तो वे अलग सो रहे होते। यह संवाद दिखाता है कि वे जानबूझकर यह मौका दे रहे हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में पात्रों की गहराई अच्छी है।

सुबह का इंतज़ार

रात भर की यह खामोशी सुबह क्या रंग लाएगी? जॉया और सूरज के बीच की यह दूरी कब पाट पाएगी? माता-पिता की योजना और बच्चों की इच्छाओं के बीच का यह संघर्ष देखने में बहुत दिलचस्प लग रहा है। आगे की कहानी के लिए उत्सुकता बढ़ गई है बहुत ज्यादा।