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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां13एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

ज़ोया की खामोश ताकत

ज़ोया की शांति कमाल की है। जब विक्रम चिल्ला रहा था, तब उसने डील पक्की कर ली। फोन मैसेज दिखाकर सबको चौंका दिया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे पल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसने बिना आवाज उठाए सबको सबक सिखाया। असली ताकत शोर में नहीं, समझदारी में होती है। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है।

विक्रम का घमंड टूटा

विक्रम को लगा वह बादशाह है पर हकीकत ने पटक दिया। शेयर बाजार का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। जब फोन आया तो उसका चेहरा देखने लायक था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह टर्न बहुत दमदार था। घमंड का अंत हमेशा बुरा होता है। विक्रम राठौर की हार देखकर सुकून मिला। संवाद भी बहुत भारी थे।

खाकी जैकेट वाला हीरो

खाकी जैकेट वाला लड़का बहुत शानदार है। वह पूरा नहीं उठा पर कमरे पर राज किया। कमजोर हो तो मेहनत करो वाला संवाद असरदार था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में इस किरदार ने सबका ध्यान खींचा। असली ताकत शांति में होती है। उसकी आंखों में आत्मविश्वास साफ दिख रहा था। विक्रम के सामने वह डटा रहा।

रेस्तरां का तनावपूर्ण माहौल

रेस्तरां का माहौल बहुत तनावपूर्ण लगा। हर संवाद वार की तरह लगा। ज़ोया का मोबाइल टाइप करते रहना यादगार था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का यह दृश्य अविस्मरणीय है। हर कलाकार ने अपना रोल बहुत अच्छे से निभाया है। पृष्ठभूमि संगीत भी जबरदस्त होगा। दर्शक इस दृश्य को बारबार देखेंगे।

बिजनेस वार की कहानी

व्यापार की डीटेल्स बहुत अच्छी लगीं। शेयर गिरना, सौ करोड़ का ऑर्डर, सब असली लगा। सिर्फ भावनात्मक नाटक नहीं था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में व्यापार वार देखना मजेदार था। ज़ोया की चालाकी ने सबको हैरान कर दिया। विक्रम को समझ नहीं आया कि हुआ क्या। चतुराई की जीत हुई।

थप्पड़ और एक्शन

जब असिस्टेंट को थप्पड़ लगा, मूड बदल गया। विक्रम ने हमला करने को कहा पर देर हो चुकी थी। उसकी बौखलाहट साफ दिखी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन और संवाद का संतुलन सही है। विक्रम की हार देखकर मजा आ गया। गुंडे भी कुछ नहीं कर पाए। अंत बहुत संतोषजनक रहा।

ज़ोया का बहादुर फैसला

मैं तुमसे शादी नहीं करूंगी वाला संवाद बहुत भारी था। कंपनी बचाने के बाद उसने अपनी शर्त रखी। विक्रम के पास कोई जवाब नहीं था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ज़ोया का यह फैसला बहुत बहादुराना था। उसने अपनी शर्तों पर जीना चुना। रिश्तों में इज्जत जरूरी है। यह बात सबको समझनी चाहिए।

तेज रफ़्तार कहानी

कहानी बहुत तेजी से आगे बढ़ी। घमंड से हार तक सब कुछ मिनटों में हुआ। टैब पर शेयर कीमत दिखाना अच्छा अंदाज था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की रफ़्तार बहुत तेज है। हर दृश्य में कुछ नया होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। बोरियत का नाम नहीं है। मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूं।

बेदाग जोड़ी और योजना

ज़ोया और खाकी जैकेट वाला जोड़ी बहुत अच्छी है। उन्हें जीतने के लिए चिल्लाना नहीं पड़ा। उनकी योजना बेदाग थी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह जोड़ी बहुत जचती है। दोनों ने मिलकर विक्रम की पोल खोल दी। विक्रम अकेला पड़ गया। दोस्ती और समझदारी की जीत हुई।

असली जीत का मतलब

यह दृश्य ताकत को परिभाषित करता है। ऊंची आवाज नहीं, पक्का नतीजा मायने रखता है। सौ करोड़ का ऑर्डर कन्फर्म होना चरम सीमा था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक ने साबित किया कि असली जीत कैसे होती है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है। विक्रम साहब का किरदार बहुत नकारात्मक था।