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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां4एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

चमत्कारी इलाज का नज़ारा

सुरज की चमत्कारी शक्ति देखकर मैं दंग रह गया। पिता का पुराना सिरदर्द एक पल में गायब हो गया। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसा जादूई इलाज पहले नहीं देखा। ज़ोया की हैरानी देखने लायक थी जब उसने देखा कि सुरज ने कैसे चमत्कार किया।

परिवार का बदला रवैया

राठौर परिवार का रवैया अचानक पूरी तरह बदल गया। पहले धमकी दे रहे थे, अब मेहमान बना रहे हैं। सुरज की काबिलियत ने सबकी सोच बदल दी। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना बहुत मज़ेदार है। हर सीन में नया मोड़ है।

ज़ोया का अंदाज़ और हैरानी

ज़ोया की सफेद सूट वाली सजावट बहुत जच रही है। पर जब सुरज ने इलाज किया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। कहानी में ट्विस्ट अच्छा है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक की ये कड़ी बेहतरीन है। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आया।

हवेली और पारिवारिक मिलन

विला का नज़ारा बहुत शानदार है। झील के किनारे इतनी बड़ी हवेली। पिता जी की बीमारी ने सबको इकट्ठा कर दिया। सुरज का अनाथ होना दुखद है पर उसका हौसला बढ़ाता है। उसने गुरु से सीखा होगा ये सब।

दवाई की शीशी का रहस्य

दवाई की शीशी वाला सीन रहस्य बढ़ाता है। सुरज ने कहा ये असली दवा नहीं है। माँ की चिंता साफ़ दिख रही थी। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में हर किरदार की अहमियत है। माँ का रोल बहुत अच्छा निभाया गया है।

गुस्से से हंसी तक का सफर

पिता जी का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। फिर अचानक वो हंसने लगे। सुरज के इलाज ने कमाल कर दिया। ज़ोया और सुरज की जोड़ी बनती दिख रही है। ये ड्रामा दिलचस्प मोड़ ले रहा है।

सुरज की पृष्ठभूमि

सुरज ने बताया वो फौज से आया है और गुरु ने पाला है। ये पृष्ठभूमि बहुत दिलचस्प है। ज़ोया को ढूंढने आया है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी आगे क्या होगी। मुझे जानने की उत्सुकता है।

एक छत के नीचे रहना

पिता जी ने सुरज को वहीं रुकने को कहा। ज़ोया हैरान रह गई। अब दोनों एक छत के नीचे रहेंगे। रोमांस बढ़ने वाला है। नेटशॉर्ट पर सीरीज देखने का मज़ा ही अलग है। गुणवत्ता बहुत अच्छी है।

दमदार अभिनय और डायलॉग

अभिनय बहुत नेचुरल है। खासकर पिता के दर्द वाले सीन में। सुरज की शांति भी तारीफ़ के लायक है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में डायलॉग बहुत दमदार हैं। हर डायलॉग दिल को छू जाता है।

ज़ोया की उलझन और भविष्य

अंत में ज़ोया की चुप्पी सब कह रही थी। वो सुरज को लेकर उलझन में है। पर परिवार वालों ने मान लिया है। आगे की कड़ी देखने को बेताब हूं। ये कहानी बहुत आगे जाएगी। मुझे इंतज़ार है।