वीडियो में दादाजी की तबीयत अचानक खराब हो जाती है, लेकिन युवा डॉक्टर की मदद से वे ठीक हो जाते हैं। यह देखकर हैरानी होती है कि कैसे एक पल में सब बदल गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। दादाजी का गुस्सा और फिर प्यार देखने लायक था। जॉया की चिंता साफ झलक रही थी। असली कहानी तो अब शुरू हुई है जब रिया की गुमशुदगी का पता चला। सबके चेहरे के भाव बहुत गहरे थे। दर्शक इस रहस्य को सुलझाने के लिए बेताब हैं। यह सीन बहुत यादगार बन गया।
कहानी में एक नया मोड़ आता है जब रिया के गुम होने की बात सामने आती है। दादाजी भी अपनी पोती को ढूंढ रहे हैं, यह संयोग बहुत दिलचस्प है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में रहस्य बढ़ता जा रहा है। बिजनेस वुमन का ऑफर भी बहुत बड़ा था। दस साल की पार्टनरशिप की शर्त सुनकर सब हैरान थे। अब देखना है कि युवा डॉक्टर रिया को कैसे ढूंढता है। यह सस्पेंस बना रहेगा। कहानी में गहराई आ गई है।
शुरू में जो कपल शोर मचा रहे थे, उन्हें सिक्योरिटी ने बाहर निकाल दिया। यह सीन बहुत संतोषजनक था। दादाजी की इज्जत का सवाल था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे सीन दर्शकों को पसंद आते हैं। उसके बाद असली बातचीत शुरू हुई। जॉया और दादाजी के बीच का रिश्ता बहुत प्यारा लगा। अब रिया की तलाश में सब जुट गए हैं। खलनायकों को सबक मिलना चाहिए था। न्याय की जीत हुई है।
युवा डॉक्टर ने बिना किसी उपकरण के दादाजी को ठीक कर दिया। यह उसकी हुनर को दिखाता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में हीरो की एंट्री धमाकेदार होती है। दादाजी ने उसे अपना दोस्त मान लिया है। अब वह रिया को ढूंढने में मदद करेगा। यह साबित करता है कि अच्छे काम का फल अच्छा मिलता है। सबके चेहरे पर राहत थी। डॉक्टर की शांति भी काबिले तारीफ है। उसकी काबिलियत सबके सामने है।
बिजनेस वुमन ने दादाजी से डील की बात की, लेकिन फिर रिया की गुमशुदगी सामने आ गई। दादाजी ने तुरंत मदद का भरोसा दिलाया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनाएं और बिजनेस दोनों चलते हैं। दस साल की पार्टनरशिप का लालच भी था। लेकिन इंसानियत सबसे बड़ी थी। जॉया की आंखों में आंसू देखकर दिल दुखी हो गया। यह डील अब पर्सनल हो गई है। रिश्तों की अहमियत बढ़ गई है।
जॉया जब अपनी बहन रिया की बात करती है तो उसकी आवाज कांप रही थी। यह एक्टिंग बहुत नेचुरल थी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में इमोशनल सीन बहुत अच्छे हैं। दादाजी भी परेशान थे क्योंकि वे भी रिया को ढूंढ रहे हैं। यह कॉइनसीडेंस कहानी को आगे बढ़ाता है। अब सबको उम्मीद है कि रिया मिल जाएगी। परिवार का दर्द हर किसी को छू गया। जॉया का सब्र काबिले तारीफ है।
पूरा सीन एक लग्जरी लॉन्ज में सेट है। भीड़ भाड़ और शोर के बीच यह ड्रामा चल रहा था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की लोकेशन बहुत शानदार हैं। दादाजी की कुर्सी और उनके कपड़े उनकी हैसियत बताते हैं। सिक्योरिटी गार्ड्स की वर्दी भी साफ थी। ऐसे माहौल में कहानी का हर पल और भी तनावपूर्ण लगता है। सेट डिजाइन बहुत रियलिस्टिक लगा। माहौल ने कहानी को और भी जीवंत बना दिया।
दादाजी के डायलॉग बहुत दमदार थे। जब उन्होंने कहा कि गुस्से पर काबू रखें, तो सब चुप हो गए। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की डबिंग भी बहुत अच्छी है। हिंदी में संवाद सुनने में बहुत प्रभावशाली लगते हैं। युवा डॉक्टर ने भी बहुत संयम से बात की। यह दिखाता है कि वह समझदार है। सबने अपनी बात रखी। संवादों ने किरदारों को गहराई दी। हर डायलॉग में वजन था।
अब सबके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि रिया कहां है। दादाजी ने वादा किया है कि वे मदद करेंगे। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में आगे बहुत कुछ होने वाला है। क्या युवा डॉक्टर को कोई सुराग मिलेगा? बिजनेस वुमन का इंतजार भी जारी है। यह क्लिफहेंजर दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए मजबूर करता है। बहुत उत्सुकता है। कहानी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। अगला एपिसोड कब आएगा।
इस एपिसोड में एक्शन, इमोशन और सस्पेंस सब कुछ था। दादाजी का बचना और फिर रिया का किस्सा जुड़ना बहुत अच्छा लगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक देखने का अनुभव बहुत रोमांचक है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना पसंद आता है। किरदारों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी है। अब बस अगला पार्ट देखने की इच्छा है। कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन एपिसोड था। दर्शकों को निराशा नहीं होगी।