विक्रम का व्यवहार इस पूरे दृश्य में बहुत ही शांत और गंभीर था। जब सामने वाले ने सोने की ईंटें दिखाईं, तब भी वह नहीं घबराया। जोया ने भी अपना पक्ष लिया और साफ कह दिया कि वह विक्रम के साथ है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का यह दृश्य दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है। सच्ची ताकत पैसों में नहीं होती।
लाल सूट वाले व्यक्ति को अपने धन पर बहुत घमंड था। उसने सोचा कि वह सब कुछ खरीद सकता है, लेकिन विक्रम ने उसे कड़ी सबक सिखाया। जय अंकल भी यह देखकर हैरान रह गए कि मामला कैसे पलट गया। समीकरण बदलना बहुत अच्छा लगा।
जोया ने जब स्पष्ट किया कि विक्रम उसका प्रियतम है, तो माहौल में तनाव बढ़ गया। उसने रिश्तों को मोलभाव की चीज नहीं माना। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में महिला किरदारों की मजबूती दिखाई गई है। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि कहानी में दम है।
मारपीट का दृश्य बहुत ही स्पष्ट था। विक्रम ने बिना ज्यादा कोशिश किए विरोधी को काबू कर लिया। उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि सामने वाला दर्द से कराह उठा। अंगरक्षक भी कुछ नहीं कर पाए। लड़ाई की बनावट हैरान कर देने वाली थी। विक्रम की ताकत साफ झलकी।
संवाद अदायगी बहुत शानदार थी। अपनी औकात देखने वाली बात ने विरोधी की बोलती बंद कर दी। विक्रम ने साबित किया कि इज्जत कमाई जाती है, खरीदी नहीं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक के संवाद दिल को छू लेते हैं। यह दृश्य बारबार देखने लायक है।
सोने की ईंटों और नोटों से भरे सूटकेस देखकर लग रहा था कि सामने वाला बहुत अमीर है। लेकिन विक्रम की आंखों में डर नहीं था। उसने साफ कर दिया कि पैसा सब कुछ नहीं है। जय अंकल की प्रतिक्रिया भी देखने योग्य थी।
जय अंकल शुरू में बहुत खुश थे, लेकिन जब बात बिगड़ी तो वे चुप हो गए। उन्हें लगा था कि सब उनकी मर्जी से होगा। परिवार के दबाव और व्यक्तिगत पसंद के बीच का संघर्ष इस दृश्य में साफ दिखता है। कहानी में गहराई है।
विक्रम और जोया की जोड़ी बहुत जचती है। दोनों एक दूसरे के साथ खड़े होते हैं। जब विक्रम ने जोया का हाथ थामा, तो विरोधी जलने लगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में प्रेम और साहस का अच्छा मिश्रण है। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी।
शेठी परिवार के घमंड को तोड़ना आसान नहीं था, लेकिन विक्रम ने कर दिखाया। विरोधी को टेबल पर गिराकर उसने अपनी ताकत दिखाई। धमकियां देने वाला अब खुद डरा हुआ लग रहा था। अंत बहुत संतोषजनक था। दर्शकों को राहत मिली।
पूरे दृश्य की रोशनी और सजावट बहुत भव्य थी। भोजन की मेज पर हुई यह बहस बहुत तनावपूर्ण थी। हर किरदार के चेहरे के भाव साफ दिख रहे थे। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की बनावट भी अच्छी है। दर्शकों को यह नाटक बहुत पसंद आ रहा है।