70 साल पहले की स्लेव देवी की शुरुआत ही इतनी डरावनी है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। धुंध से घिरे सूखे पेड़ और कीचड़ भरा रास्ता देखकर लगता है जैसे कोई बड़ी मुसीबत आने वाली हो। सैनिकों की कतारें और उनका डर साफ दिख रहा है। माहौल इतना भारी है कि सांस लेना भी मुश्किल लगता है। यह दृश्य दर्शकों को कहानी में खींच लेता है।
सफेद घोड़े पर सवार सुनहरे कवच वाली नायिका का लुक कमाल का है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में उसकी आंखों में जो दृढ़ संकल्प है, वह उसे बाकी से अलग बनाता है। जब वह तीर चलाती है तो लगता है जैसे सूरज की किरण फूट पड़ी हो। उसका नेतृत्व और बहादुरी देखकर मन में सम्मान जागता है। वह सच में एक महान योद्धा लगती है।
काले लबादे में छिपा वह शख्स बहुत रहस्यमयी लगता है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में जब वह पेड़ पर बैठकर तलवार साफ कर रहा होता है, तो उसकी मुस्कान में एक अजीब सी चालाकी है। बाद में जब वह जाल में फंसता है और उसका असली रूप सामने आता है, तो हैरानी होती है। उसका किरदार कहानी में एक नया मोड़ लाता है।
जब वह विशाल मकड़ी सामने आती है तो दिल की धड़कन रुक सी जाती है। 70 साल पहले की स्लेव देवी का यह दृश्य सबसे डरावना है। उसकी लाल आंखें और जहरीले दांत इतने भयानक हैं कि रात में नींद नहीं आएगी। जब वह जाल बुनकर शिकार करती है, तो लगता है जैसे कोई बुरा सपना सच हो गया हो। यह क्रिएचर डिजाइन बेहतरीन है।
चांदी के कवच और बैंगनी पंख वाले हेलमेट वाला योद्धा बहुत शानदार लगता है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में जब वह घोड़े से गिरकर कीचड़ में फंस जाता है, तो उसकी मजबूरी देखकर दुख होता है। उसका संघर्ष और फिर पेड़ की डाल पकड़कर खुद को बचाना दिखाता है कि वह हार नहीं मानता। उसका किरदार बहुत गहराई रखता है।
एक आंख पर पट्टी बांधे वह बूढ़ा सेनापति बहुत प्रभावशाली लगता है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में जब वह अपनी तलवार उठाकर आदेश देता है, तो लगता है जैसे युद्ध का बिगुल बज गया हो। उसका अनुभव और नेतृत्व सैनिकों में जोश भरता है। उसका किरदार कहानी की रीढ़ की हड्डी लगता है। वह सच में एक महान नेता है।
जब काले लबादे वाला शख्स मकड़ी के जाल में फंस जाता है, तो कहानी में एक नया ट्विस्ट आता है। 70 साल पहले की स्लेव देवी का यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण है। उसकी बेबसी और फिर उसका असली रूप सामने आना दर्शकों को हैरान कर देता है। यह दिखाता है कि इस जंगल में खतरे हर कोने में छिपे हैं। यह प्लॉट ट्विस्ट बहुत अच्छा है।
जब चांदी के कवच वाला योद्धा तीर चलाता है और वह काले लबादे वाले के पास जाकर रुकता है, तो वह दृश्य बहुत रोमांचक है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में यह पहला टकराव है जो आगे की लड़ाई का संकेत देता है। दोनों के बीच की तनावपूर्ण चुप्पी और नजरों का मिलना बहुत अच्छे से दिखाया गया है। यह दृश्य बहुत यादगार है।
इस वीडियो का माहौल इतना खूबसूरत और डरावना है कि मन करता है बस देखते रहो। 70 साल पहले की स्लेव देवी में धुंध, सूखे पेड़, कीचड़ और बादलों का खेल कमाल का है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लगता है। रोशनी और छाया का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। यह विजुअल स्टाइल कहानी को और भी रोचक बनाता है।
जब सुनहरे कवच वाली नायिका अपना जादुई तीर चलाती है और वह मकड़ी को मार गिराता है, तो वह दृश्य बहुत शक्तिशाली है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में उसकी ताकत और कौशल देखकर मन में जोश आ जाता है। वह तीर जैसे सूरज की किरण हो जो अंधेरे को चीर देता है। यह दृश्य कहानी का सबसे रोमांचक पल है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम