शुरुआत में ही जब कुत्ते हमला करते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। नायिका की आँखों में डर और फिर गुस्सा साफ दिखता है। ७० साल पहले की स्लेव देवी में ऐसे एक्शन सीन्स देखकर लगता है कि बजट काफी हाई रहा होगा। घायल होने के बाद भी वह हार नहीं मानती, यही तो असली हीरोइन वाली बात है।
राजा घोड़े पर बैठकर ऊपर से सबको देखता है, उसकी आँखों में एक अजीब सा घमंड है। वहीं नायिका जमीन पर घिसटते हुए भी अपनी इज्जत बचा रही है। ७० साल पहले की स्लेव देवी की कहानी में यह क्लास डिफरेंस बहुत गहराई से दिखाया गया है। जब वह कोड़े मारता है तो गुस्सा आता है।
पूरी फिल्म भर नायिका को कमजोर दिखाया गया, लेकिन अंत में जब उसके हाथ से रोशनी निकलती है तो सब हैरान रह जाते हैं। ७० साल पहले की स्लेव देवी का क्लाइमेक्स बिल्कुल अप्रत्याशित था। राजा का चेहरा देखने लायक था जब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ।
पृष्ठभूमि में जो पहाड़ और सूरज की रोशनी है, वह हर सीन को सिनेमाई बना देती है। ७० साल पहले की स्लेव देवी के विजुअल्स इतने सुंदर हैं कि कभी-कभी डायलॉग भी भूल जाते हैं। खासकर जब नायिका दौड़ती है तो वह शॉट बहुत पावरफुल लगता है।
जब नायिका के गले में जंजीर डाली जाती है तो बहुत बुरा लगता है। वह इतनी ताकतवर लड़की है फिर भी उसे इस तरह बांध दिया गया। ७० साल पहले की स्लेव देवी में इमोशनल सीन्स की कमी नहीं है। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर खून का मिश्रण बहुत दर्दनाक था।
राजा कभी मुस्कुराता है तो कभी गुस्से में आ जाता है, उसका किरदार बहुत लेयरड है। ७० साल पहले की स्लेव देवी में उसकी एक्टिंग ने मुझे बांधे रखा। जब वह तीर चलाता है तो लगता है कि वह नायिका को मार देगा, पर फिर वह रुक जाता है।
शुरुआत में जो बूढ़ी औरत नायिका के पास बैठी है, उसका रोल छोटा है पर वह कहानी को गहराई देता है। ७० साल पहले की स्लेव देवी में हर किरदार का अपना महत्व है। जब नायिका उसे बचाती है तो लगता है कि वह सिर्फ अपनी जान नहीं बचा रही।
राजा का सिक्का फेंकना और नायिका का उसे उठाना, यह सीन बहुत कुछ कहता है। ७० साल पहले की स्लेव देवी में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स पर ध्यान देना जरूरी है। लगता है कि यह सिक्का उनकी किस्मत बदलने वाला है।
जब नायिका जंजीरों में होते हुए भी रोशनी पैदा करती है, तो लगता है कि अब वह पलटवार करेगी। ७० साल पहले की स्लेव देवी का अंत बहुत पावरफुल है। राजा की आँखों में डर और नायिका की आँखों में आग, यह कॉन्ट्रास्ट बेहतरीन था।
इतनी हाई क्वालिटी की वेब सीरीज नेटशॉर्ट ऐप पर मिलना सुखद आश्चर्य है। ७० साल पहले की स्लेव देवी को बड़े पर्दे जैसा अनुभव मिलता है। एक्टिंग, डायरेक्शन और विजुअल्स सब कुछ टॉप नॉच है। बिल्कुल वक्त बर्बाद नहीं हुआ।
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