जब उसने अपना धनुष उठाया, तो हवा में भी सन्नाटा छा गया। 70 साल पहले की स्लेव देवी में यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी आँखों में चमक और चेहरे पर संकल्प देखकर लगता है कि अब युद्ध का अंत केवल उसी के हाथ में है।
वह तीर जब आसमान की ओर गया, तो लगा जैसे सूरज ही टूटकर गिर रहा हो। 70 साल पहले की स्लेव देवी के इस एपिसोड में विजुअल्स इतने शानदार थे कि सांस रुक गई। सेना के सामने खड़ा वह बूढ़ा जनरल भी डर गया, जो कभी नहीं डरता था।
कीचड़ में गिरा हुआ वह युवा सैनिक और पीछे आते राक्षस... दिल दहल गया। 70 साल पहले की स्लेव देवी ने दिखाया कि युद्ध कितना क्रूर होता है। जब देवी ने फिर से वार किया, तो लगा जैसे उम्मीद की कोई किरण बची हो।
उस बूढ़े जनरल की आँख में जो दर्द था, वह हजार तलवारों से ज्यादा चुभता है। 70 साल पहले की स्लेव देवी में किरदारों के भाव इतने गहरे हैं कि आप खुद को उस स्थिति में पाते हैं। उसने अपना हेलमेट उतारा, तो लगा जैसे वह अपनी हार मान रहा हो।
जब वह युद्ध के मैदान में उतरी, तो उसका सुनहरा कवच सूरज की रोशनी में चमक रहा था। 70 साल पहले की स्लेव देवी में उसका रूप किसी स्वर्ग की अप्सरा जैसा लग रहा था, जो मृत्यु का तांडव रोकने आई हो। उसका हर कदम इतिहास रच रहा था।
जैसे ही वह तीर फूटा, आसमान से आग की बारिश होने लगी। 70 साल पहले की स्लेव देवी का यह दृश्य किसी महाकाव्य से कम नहीं था। दुश्मन की सेना में भगदड़ मच गई, और हमें लगा कि अब जीत निश्चित है।
जब उसने अपना धनुष छोड़ा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। 70 साल पहले की स्लेव देवी में यह मोड़ बहुत ही ड्रामेटिक था। उस बूढ़े योद्धा का चेहरा देखकर लगा कि वह अपने अतीत को याद कर रहा है, जब वह भी ऐसा ही युद्ध लड़ा था।
वे राक्षस इतने भयानक थे कि देखकर डर लग रहा था। 70 साल पहले की स्लेव देवी में वीएफएक्स का इस्तेमाल कमाल का है। जब देवी ने उन पर वार किया, तो लगा जैसे बुराई पर अच्छाई की जीत हो रही हो।
उस युवा सैनिक की आँख में देवी का प्रतिबिंब देखकर लगा जैसे उसे नई शक्ति मिल गई हो। 70 साल पहले की स्लेव देवी में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स कहानी को और भी गहरा बना देते हैं। वह उम्मीद की किरण बनकर उभरी।
जब उसने अपना धनुष ऊपर उठाया, तो लगा जैसे विजय का ढोल बज रहा हो। 70 साल पहले की स्लेव देवी का यह अंत बहुत ही शक्तिशाली था। उस बूढ़े जनरल ने अपना हेलमेट उतारकर सम्मान में सिर झुकाया, जो उसकी जीत का प्रतीक था।
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