७० साल पहले की दासी देवी में इजिस का संघर्ष और फिर उसका दिव्य रूप में वापस आना रोंगटे खड़े कर देता है। जब वह सुनहरे पंखों के साथ उड़ती है तो लगता है जैसे जीवन की देवी ने अपनी शक्ति वापस पा ली हो। ओसिरिस और होरस के बीच का दर्दनाक विछोह दिल को छू लेता है।
वीडियो में ७० साल बाद का दृश्य देखकर हैरानी हुई। काएल और एसाउ का आगमन नई कहानी की शुरुआत करता है। इजिस का जमीन पर गिरा हुआ रूप और फिर उसकी आँखों में चमक वापस आना दिखाता है कि देवियाँ कभी मरती नहीं, बस सोती हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे एपिक देखना सुकून देता है।
इजिस द्वारा होरस को बचाने के लिए खुद को कुर्बान करना सबसे भावुक पल था। जब वह अपने बेटे को पेगासस पर भेजती है और खुद पीछे रह जाती है, तो आँखें नम हो जाती हैं। ७० साल पहले की दासी देवी में मातृत्व की यह परिभाषा अद्भुत है। उसकी आँखों में आँसू और चेहरे पर दृढ़ संकल्प देखने लायक था।
इस शॉर्ट फिल्म का विजुअल इफेक्ट्स स्तर अविश्वसनीय है। काले बादलों से निकलते राक्षस और फिर इजिस का सुनहरा प्रकाश बनकर उभरना सिनेमाई कमाल है। खासकर जब वह अपनी शक्ति से दुश्मनों को जला देती है, तो स्क्रीन पर जादू चलता है। नेटशॉर्ट ऐप पर इतनी हाई क्वालिटी कंटेंट मिलना दुर्लभ है।
काएल का किरदार बहुत रहस्यमयी लगा। वह सिंहासन का वारिस है लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी उदासी है। जब वह इजिस के पास से गुजरता है और उसे अनदेखा करता है, तो लगता है कि भविष्य में इन दोनों का टकराव जरूरी है। ७० साल पहले की दासी देवी की कहानी आगे बहुत रोचक होने वाली है।
एसाउ का किरदार बिल्कुल विलेन जैसा है। उसकी हंसी और इजिस के प्रति उसकी उपेक्षा गुस्सा दिलाती है। जब वह काएल से बात करता है तो लगता है कि वह कुछ बड़ी साजिश रच रहा है। गुलाम मालिक का यह रूप देखकर कहानी में तनाव बढ़ जाता है। अभिनय बहुत दमदार है।
वीडियो के अंत में दिखाया गया पत्थर जिस पर सूरज का निशान है, वह बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। इजिस का खून उस निशान पर गिरता है और फिर चमक उठता है, यह संकेत देता है कि उसकी शक्ति अब उस पत्थर में समा गई है। ७० साल पहले की दासी देवी में यह प्रतीक भविष्य की कुंजी हो सकता है।
ओसिरिस का वह दृश्य जब वह होरस को लेकर भाग रहा है और पीछे राक्षस हैं, बहुत तनावपूर्ण था। उसकी आँखों में डर और बेटे के लिए चिंता साफ दिख रही थी। जब वह इजिस को पीछे छोड़कर जाता है तो उसका टूटना दिल दहला देता है। एक पति और पिता का यह संघर्ष बहुत मानवीय लगा।
पेगासस का आगमन उस अंधेरे माहौल में उम्मीद की किरण जैसा था। उसकी सफेद पंख और दिव्य चमक ने दृश्य को बदल दिया। होरस का उस पर सवार होकर उड़ जाना दिखाता है कि वह भविष्य में महान योद्धा बनेगा। ७० साल पहले की दासी देवी में फैंटेसी तत्वों का उपयोग बहुत सही जगह पर किया गया है।
जब इजिस जमीन पर गिरती है और उसकी आँखें बंद होती हैं, तो लगता है कि सब खत्म हो गया। लेकिन फिर उसकी आँखें खुलती हैं और उनमें सुनहरी चमक होती है। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। ७० साल पहले की दासी देवी ने मुझे अगले भाग के लिए बेताब कर दिया है। नेटशॉर्ट पर ऐसे क्लिफहैंगर मिलना मजेदार है।
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