इस दृश्य में हर किसी के सूट पर लगा ब्रोच सिर्फ सजावट नहीं लग रहा, बल्कि किसी गुप्त संकेत जैसा प्रतीत हो रहा है। खासकर वह नीला ब्रोच पहने व्यक्ति, जिसकी आँखों में एक अजीब सी घबराहट साफ झलक रही है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर विषय को इतने शालीन माहौल में दिखाया जाना चौंकाने वाला है। कमरे का तनाव इतना गाढ़ा है कि लगता है अभी कोई विस्फोट हो जाएगा।
काले ब्लेजर वाली महिला के चेहरे पर जो क्रोध और निराशा है, वह शब्दों से कहीं ज्यादा बोल रही है। उसकी आँखें बता रही हैं कि वह किसी बड़े धोखे का सामना कर रही है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानी में उसका किरदार सबसे मजबूत लग रहा है। वह चुपचाप खड़ी है, लेकिन उसका मौन शोर मचा रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ही इंटेंस ड्रामे देखना पसंद है।
चश्मे पहने उस आदमी का चेहरा देखकर लगता है जैसे उसने कोई बड़ा राज खोल दिया हो। उसकी आँखें फैली हुई हैं और वह बार-बार इधर-उधर देख रहा है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे मुद्दे पर उसकी प्रतिक्रिया सबसे ज्यादा डरावनी लग रही है। क्या वह अपराधी है या बस एक गवाह? यह सस्पेंस बना हुआ है।
इतने बड़े हॉल में इतने लोग खड़े हैं, लेकिन सन्नाटा चीख रहा है। हर कोई एक-दूसरे को ऐसे देख रहा है जैसे कोई दुश्मन हो। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की पृष्ठभूमि में यह दृश्य बहुत ही भारी लग रहा है। झूमर और महंगे सूट के बीच छिपा यह मानसिक युद्ध देखने लायक है। नेटशॉर्ट ऐप की क्वालिटी भी कमाल की है।
वह आदमी जो तीन पीस सूट पहने है और जेब में रूमाल लगाया है, उसके चेहरे पर एक अजीब सी शांति है। बाकी सब घबराए हुए हैं, लेकिन वह स्थिर खड़ा है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानी में शायद वह मास्टरमाइंड हो। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो शक पैदा करती है।