यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। एक शादी या अंतिम संस्कार जैसी जगह पर इतनी हिंसा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। महिला की आंखों में जो डर और सदमा है, वह बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर विषयों की याद दिलाता है। जब जख्मी शख्स चीख रहा था, तो लग रहा था कि वहां सांसें थम गई हैं। यह कहानी बहुत गहरी और दर्दनाक लग रही है।
काले सूट पहने उस शख्स का चेहरा देखकर लगता है कि वह इस सबका मास्टरमाइंड है। उसकी आंखों में कोई पछतावा नहीं, बस एक अजीब सी शांति है। जब वह जख्मी लोगों को उठवा रहा था, तो लगा कि वह किसी बड़े षड्यंत्र को अंजाम दे रहा है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानियां अक्सर ऐसे ही धोखे से शुरू होती हैं। यह किरदार बहुत खतरनाक लग रहा है।
स्ट्रेचर पर ले जाते हुए उस शख्स का लटकता हुआ हाथ और खून से सना चेहरा... यह दृश्य किसी बुरे सपने जैसा है। गिरजे की पवित्रता और यह खूनी मंजर बिल्कुल विपरीत हैं। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर जब बात होती है, तो ऐसा ही दर्द महसूस होता है। यह वीडियो देखकर मन बहुत भारी हो गया है।
मोती की माला पहने उस महिला का चेहरा देखकर लगता है कि उसकी दुनिया उजड़ गई है। वह कुछ बोलना चाहती है पर आवाज गले में अटक जाती है। जब वह जख्मी शख्स को देखती है, तो उसकी आंखों में बेबसी साफ दिख रही है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानियों में अक्सर ऐसे ही टूटे हुए चेहरे दिखाई देते हैं। यह दृश्य बहुत इमोशनल है।
गिरजे की ऊंची छत और रौशनी के बीच यह खूनी खेल बहुत अजीब लग रहा है। जब जख्मी शख्स जमीन पर गिरा था, तो लगा कि वह मदद के लिए तरस रहा है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे विषयों पर जब सोचते हैं, तो ऐसा ही अंधेरा दिखता है। यह वीडियो देखकर लगता है कि इंसानियत कहीं खो गई है।