यह दृश्य वाकई दिलचस्प है जहाँ एक शानदार सूट पहने व्यक्ति और एक बुजुर्ग महिला के बीच तनावपूर्ण संवाद होता है। कमरे का माहौल बहुत ही रहस्यमयी है और हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भावनाएँ दिखाई दे रही हैं। बुज़ुर्गों पर अत्याचार का विषय यहाँ बहुत गहराई से उठाया गया है जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
ग्रे सूट पहने इस व्यक्ति का व्यवहार बहुत ही अहंकारी लग रहा है। वह बुजुर्ग महिला से जिस तरह बात कर रहा है, उससे साफ पता चलता है कि वह खुद को बहुत ऊँचा समझता है। ऐसे पात्रों को देखकर गुस्सा आता है लेकिन यही तो ड्रामे की जान होती है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानी में ऐसे विलेन बहुत जरूरी होते हैं।
फर कोट और लाल लिपस्टिक वाली महिला का किरदार बहुत ही रहस्यमयी लग रहा है। वह ताबूत के पास खड़ी होकर जो अजीब हरकतें कर रही है, उससे लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो बताती है कि वह साधारण नहीं है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की इस कहानी में उसका रोल बहुत अहम होने वाला है।
बुजुर्ग महिला के चेहरे पर जो डर और बेचैनी दिखाई दे रही है, वह दिल को छू लेती है। वह बार-बार अपने कपड़ों के बटन से खेल रही है जो उसकी घबराहट को दर्शाता है। ऐसे पात्रों को देखकर दर्शकों को उनके प्रति सहानुभूति होती है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दों को इस तरह दिखाना बहुत प्रभावशाली होता है।
कमरे के बीचों-बीच रखा हुआ लकड़ी का ताबूत इस पूरी कहानी का केंद्र बिंदु लग रहा है। सभी पात्र उसी के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं और उसी के बारे में बात कर रहे हैं। आखिर उस ताबूत में क्या है? क्या वह खाली है या उसमें कोई राज छिपा है? बुज़ुर्गों पर अत्याचार की इस कहानी में ताबूत का बहुत बड़ा महत्व होने वाला है।