बेला हैरिंगटन की आंखों में जो दर्द था, वो किसी ड्रामे से कम नहीं लग रहा था। लूकस रीड का साथ देना और फिर अचानक बंदूक लेकर घुस आए शख्स ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। चर्च की शांति टूट गई और बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे दृश्य याद आ गए। हर पल तनाव से भरा था।
लूकस रीड जो बेला का निजी सहायक था, उसने अंत में जो किया वो किसी ने सोचा भी नहीं था। बेला को बचाने के चक्कर में उसने खुद को खतरे में डाल दिया। चर्च के अंदर गोलीबारी और भागमभाग ने सबको हिला कर रख दिया। बुज़ुर्गों पर अत्याचार वाले सीन की याद ताज़ा हो गई।
बेला हैरिंगटन ने जिस तरह से उस मुश्किल वक्त में खुद को संभाला, वो काबिले तारीफ है। उसके चेहरे पर डर था, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी। लूकस के साथ मिलकर उसने जो किया, वो किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं था। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे माहौल में भी उसने संघर्ष किया।
सेंट जॉन कैथेड्रल जो शांति का प्रतीक था, वो आज खून से सन गया। बेला और लूकस के बीच की केमिस्ट्री और फिर अचानक आए हमले ने सबको चौंका दिया। बुज़ुर्गों पर अत्याचार वाले दृश्यों की याद दिलाता यह सीन दिल दहला देने वाला था।
लूकस रीड ने बेला को बचाने के लिए जो किया, वो सच्ची वफादारी थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान और आंखों में जुनून देखकर लगता है कि वो कुछ भी कर सकता है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे माहौल में भी उसने हिम्मत नहीं हारी।