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बुज़ुर्गों पर अत्याचारवां43एपिसोड

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बुज़ुर्गों पर अत्याचार

अपने गृहनगर में दादा के अंतिम संस्कार के दौरान एपेक्स ग्रुप की अध्यक्ष बेला पर दो पुरुष आरोप लगाते हैं कि उसके द्वारा वित्तपोषित प्रतिष्ठित वृद्धाश्रम ने उनके पिता की मृत्यु का कारण बना। सच जानने के लिए बेला परिचारिका बनकर भेष बदलती है और एक चौंकाने वाला अंधकारमय रहस्य उजागर करती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद सूट वाला शख्स खतरनाक लग रहा है

जिस पल वह दरवाजे से अंदर आया, माहौल बदल गया। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो डराती है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर विषय पर बनी इस कहानी में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लग रहा है। शराब का गिलास थामे उसका हर इशारा किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

काले ब्लेजर वाली महिला की एंट्री धमाकेदार

लाल लिपस्टिक और काला सूट पहने उस महिला की एंट्री ने सबका ध्यान खींच लिया। उसके चेहरे पर गुस्सा और आत्मविश्वास दोनों साफ झलक रहे हैं। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की पृष्ठभूमि में उसका यह रूख बहुत मायने रखता है। लगता है वह किसी बड़े अन्याय का बदला लेने आई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखना बहुत रोमांचक है।

शराब के गिलास में छिपा है राज

हर किसी के हाथ में शराब का गिलास है, लेकिन नजरें किसी और ही बात पर टिकी हैं। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे मुद्दे को लेकर यह पार्टी किसी षड्यंत्र का अड्डा लग रही है। सफेद सूट वाला शख्स और काले ब्लेजर वाली महिला के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। आगे क्या होगा, यह जानने के लिए बेताब हूं।

बैठक का माहौल बहुत तनावपूर्ण है

बड़े हॉल में सब बैठे हैं, लेकिन हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार की कहानी में यह सीन किसी टर्निंग पॉइंट जैसा लग रहा है। चश्मे वाला शख्स कुछ ज्यादा ही शांत है, जो उसे और भी संदिग्ध बना रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर मिली यह सीरीज सच में दिलचस्प मोड़ ले रही है।

चश्मे वाले शख्स की मुस्कान में छल

वह मुस्कुरा तो रहा है, लेकिन उसकी आँखों में कोई चालबाजी छिपी है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी इस फिल्म में उसका किरदार विलेन जैसा लग रहा है। उसने शराब का गिलास उठाया, लेकिन नजरें सीधे महिला पर थीं। यह टकराव आगे जाकर बहुत खतरनाक रूप ले सकता है।

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