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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराजवां83एपिसोड

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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज

आदित्य गलती से एक चालाक पिस्सू बनकर जन्म लेता है। खून चूसकर वह ताकत हासिल करता है, उसके शरीर पर नए निशान उभरते हैं, और एक दिन वह पंख निकालकर आसमान में उड़ेगा। वह हर मुश्किल से बचने के लिए सैकड़ों चालें चलता है। गुप्त अकादमी की ठंडी स्वभाव वाली छात्रा तारा सिंह, जो बाहर से सख्त लेकिन अंदर से कोमल है, उसके भाग्य से जुड़ जाती है। देखते हैं यह छोटा पिस्सू पूरे संसार में तूफान कैसे खड़ा करता है, खून चूसकर देवराज बनता है, और अपनी धमाकेदार कहानी लिखता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

जबरदस्त एक्शन और लड़ाई

इस कार्टून में लड़ाई के दृश्य बहुत जबरदस्त हैं और देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बूढ़े आदमी और लाल शाखाओं वाली लड़ाई बहुत तीव्र थी और खतरनाक। फिर अचानक स्कूल वर्दी वाली लड़की आती है और सब बदल गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा और भा गया। जंगल पूरी तरह जल गया है और राख बन गया है। दृश्य प्रभाव शानदार हैं और हर झलक में जान है। मैंने नेटशॉर्ट पर देखा तो अनुभव बहुत सरल था। कीड़े का किरदार भी प्यारा लग रहा है और मजेदार है।

लड़की की शक्तियां हैरान कर दें

सफेद बालों वाली लड़की की शक्तियां देखकर हैरानी हुई और मैं सोच में पड़ गया। उसने कैसे उस विशालकाय राक्षस को हराया यह रहस्य है और बड़ा है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में पात्रों का डिजाइन बहुत अनोखा है और अलग है। कीड़े जैसे दोस्त के साथ उसकी केमिस्ट्री देखने लायक है और प्यारी है। आग का गोला और विस्फोट का दृश्य सिनेमाई लग रहा था और सुंदर। मुझे लगा कि कहानी में गहराई है और मजा है। बूढ़े व्यक्ति की नियति क्या हुई यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है बहुत ज्यादा।

डरावना राक्षस और गहरा माहौल

लाल रंग का राक्षस बहुत डरावना लग रहा था और खतरनाक भी। उसकी लाल शाखाओं ने बूढ़े को जकड़ लिया था और दबा दिया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज का यह भाग थोड़ा गहरा है और गंभीर है। लेकिन लड़की के आते ही माहौल बदल गया और रोशनी हुई। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो ताकतवर थी। जंगल के जलने का दृश्य दिल दहला देने वाला था और भयानक। मुझे यह एनिमेशन शैली बहुत पसंद आया और भा गया। नेटशॉर्ट पर देखने में मजा आया बहुत।

तेज रफ्तार और नए मोड़

कहानी की रफ्तार बहुत तेज है और थमती नहीं है। एक पल लड़ाई हो रही है और अगले पल सब शांत हो गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे मोड़ बार बार आते हैं और सरप्राइज देते हैं। सफेद हिरन जैसा जानवर भी रहस्यमयी लग रहा है और अलग है। लड़की के चेहरे पर कोई डर नहीं था और शांति थी। यह दिखाता है कि वह कितनी शक्तिशाली है और तेज है। धूल और धुएं के बीच का दृश्य बहुत सुंदर बनाया गया है और निखरा है।

कीड़े का किरदार सबसे प्यारा

मुझे कीड़े वाला किरदार सबसे अच्छा लगा और भा गया। वह लड़ते समय गंभीर था लेकिन बाद में खुश दिख रहा था और नाचा। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में हास्य और लड़ाई का संतुलन सही है और अच्छा है। लड़की की वर्दी हरी रंग की है जो जंगल के बीच उभर कर आती है। विस्फोट के बाद का गड्ढा बहुत गहरा था और बड़ा था। यह शो देखने के लिए मजबूर कर देता है और बांध लेता है। मुझे और भाग देखने हैं और जल्दी है।

बूढ़े व्यक्ति का डर और अंत

बूढ़े व्यक्ति की आंखों में डर साफ दिख रहा था और घबराहट थी। जब वह चिल्ला रहा था तो लगा सब खत्म हो गया और मिट गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में खतरा हमेशा बना रहता है और लगा रहता है। लड़की ने बिना हिले अपनी शक्ति दिखाई और जीत गई। लाल रंग की ऊर्जा का गोला बहुत प्रभावशाली था और तेज था। मुझे यह कार्टून श्रृंखला धीरे धीरे पसंद आने लगी है और अच्छी लग रही है। नेटशॉर्ट की सुविधा भी अच्छी है और साफ है।

जंगल की तबाही और सुंदरता

जंगल का माहौल शुरू में शांत था फिर अचानक भयानक हो गया और डरावना। पेड़ जल रहे थे और धुआं हर तरफ था और फैल रहा था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की वजह से यह तबाही हुई है और बर्बादी। लड़की के सफेद बाल हवा में लहरा रहे थे और सुंदर लग रहे थे। उसकी स्थिति बहुत मजबूत थी और अडिग थी। कीड़े के पंख लाल रंग के थे जो खूबसूरत लग रहे थे और चमक रहे थे। यह भाग यादगार बन गया है और दिल में रहेगा।

एनिमेशन गुणवत्ता और मेहनत

एनिमेशन की गुणवत्ता देखकर लगता है लागत अच्छी रही होगी और खर्च हुआ है। आग के प्रभाव बहुत वास्तविक लग रहे थे और असली थे। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में हर दृश्य में मेहनत दिखती है और लगन है। लड़की ने अपनी उंगली से जादू किया था और चमत्कार किया। यह छोटी सी बारीकी बहुत प्यारी लगी और अच्छी लगी। बूढ़े आदमी का अंत कैसे हुआ यह अभी भी रहस्य है और राज है। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है और बेचैनी है।

जज्बात और दोस्ती की कहानी

यह शो सिर्फ लड़ाई नहीं बल्कि जज्बात भी दिखाता है और छूता है। लड़की और उसके पालतू जानवरों का रिश्ता खास है और प्यारा है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में दोस्ती की अहमियत भी है और वफादारी है। जले हुए जंगल में खड़ा होना उसकी हिम्मत दिखाता है और साहस। कीड़ा खुश होकर नाच रहा था जो मजेदार था और हंसाता है। मुझे यह किरदार बहुत प्यारा लगा और भा गया। कहानी में नए मोड़ आते रहते हैं और सरप्राइज देते हैं।

रोमांचक अंत और सुझाव

कुल मिलाकर यह भाग बहुत रोमांचक था और मजेदार था। शुरू से अंत तक बोरियत नहीं हुई और मजा आया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज को मैं अपने दोस्तों को सुझाऊंगा और बताऊंगा। लड़की की शांत मुद्रा और राक्षस का शोर एकदम विपरीत था और अलग था। नेटशॉर्ट पर चित्र गुणवत्ता भी अच्छी मिली और साफ थी। जंगल की तबाही देखकर दुख भी हुआ और अफसोस हुआ। यह कार्टून देखने लायक जरूर है और बेहतरीन है।