इस एनिमेशन में कीड़े का किरदार बहुत दिलचस्प है। वह छोटा है लेकिन उसकी आँखों में डर नहीं है। जब वह हाथी जैसे राक्षस से लड़ता है, तो लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे मोड़ आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर दें। लड़की के साथ उसकी बॉन्डिंग भी देखने लायक है। एक्शन सीन्स बहुत तेज़ हैं और संगीत भी सही जगह पर बजता है।
लड़की की ड्रेस और उसका रवैया बहुत कूल लग रहा है। वह खतरे में भी घबराती नहीं है। जब गुफा ढह रही थी, तब भी वह शांत रही। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के इस एपिसोड में उसका किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। कीड़े के साथ उसकी दोस्ती की कहानी आगे क्या रूप लेगी, यह जानने की उत्सुकता है। उसकी आँखों में पीला रंग बहुत अलग लग रहा था।
अंत में जो गंजा व्यक्ति दिखा, उसकी मुस्कान में कुछ खतरनाक है। वह खननकर्ताओं को देख रहा था जैसे वे मोहरे हों। काले कपड़ों वाले लोग उसके गुलाम लग रहे हैं। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में विलेन का इंट्रोडक्शन बहुत दमदार था। लगता है असली खेल अब शुरू होने वाला है। माहौल बहुत सस्पेंस से भरा है और रहस्य गहरा है।
लड़ाई के सीन्स बहुत तेज़ रफ़्तार के हैं। कीड़ा जब उड़ता है तो हवा में आग लग जाती है। पीले कांटेदार राक्षस से भिड़ंत देखकर रोमांच हो गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में एनिमेशन की क्वालिटी बहुत अच्छी है। रंगों का इस्तेमाल खासकर लाल और नीला, बहुत प्रभावशाली लग रहा है। हर फ्रेम में ऊर्जा है जो दर्शक को बांधे रखती है।
बेचारे खननकर्ता क्या सोच रहे होंगे जब गुफा ढह गया। उनके चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा था। वॉकी-टॉकी पर बात करते हुए एक पसीने में था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में आम लोगों की स्थिति भी दिखाई गई है। वे बस अपना काम कर रहे थे लेकिन खतरे में फंस गए। यह यथार्थवादी लगता है और कहानी को जमीन से जोड़ता है।
वह बड़ा हाथी जैसा राक्षस असल में बुरा नहीं लग रहा था। उसकी आँख से आंसू गिर रहा था जब वह गिरा। शायद उसे किसी ने वश में किया था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में पात्रों की गहराई है। केवल लड़ना ही नहीं, भावनाएं भी दिखाई गई हैं। यह दृश्य बहुत भावुक कर देने वाला था और दर्शक को सोचने पर मजबूर करता है।
गुफा के अंदर का डिज़ाइन बहुत रहस्यमयी है। नीले क्रिस्टल चमक रहे थे और जड़ें हर जगह थीं। यह जगह किसी खजाने जैसी लगती है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की वर्ल्ड बिल्डिंग बहुत मजबूत है। बाहर का दृश्य भी हरा-भरा और सुंदर दिखाया गया है। कलाकारों ने मेहनत की है और हर जगह बारीकियां दिखाई गई हैं।
पहले लगा कीड़ा और लड़की दोस्त हैं, फिर पता चला कुछ और ही खेल है। जब दीवार से दूसरा राक्षस निकला, तो सांस रुक गई। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में कहानी कभी भी उबाऊ नहीं होती। हर पल कुछ नया होता है। दर्शक को बांधे रखने की कला इसमें बहुत अच्छे से है। अगला मोड़ क्या होगा, यह जानने की बेचैनी है।
कीड़े के चेहरे पर पसीना देखकर उसका डर समझ आ गया। लेकिन फिर भी वह लड़ने के लिए तैयार हो गया। यह हिम्मत की कहानी है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। छोटे से छोटे एक्सप्रेशन भी मायने रखते हैं। यह एनिमेशन दिल को छू लेता है और प्रेरणा देता है।
नेटशॉर्ट ऐप पर यह वीडियो देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। कहानी में दम है और विजुअल्स भी शानदार हैं। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज को जरूर देखना चाहिए। अगला एपिसोड कब आएगा, इसका इंतज़ार रहेगा। गंजे व्यक्ति का प्लान क्या है, यह जानना जरूरी है। कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन मनोरंजन का पैकेज है।